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अजित पवार न करें शरद पवार के नाम और फोटो का प्रयोग : सुप्रीम कोर्ट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे ताकतवर चाचा और भतीजे के बीच जंग थमने का नाम नहीं ले रही. पार्टी और चुनाव चिन्ह पर कब्जा करने वाले अजित पवार को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. दरअसल, बीते साल अजित पवार की बगावत के बाद एनसीपी में बड़ी टूट हुई. एनसीपी में दो गुट हो गए. इसके बाद एनसीपी अजित पवार और एनसीपी शरद पवार दोनों गुटों ने बंट गई. शरद पवार ने एनसीपी के चुनाव चिह्न और नाम पर दावा किया.

लेकिन चुनाव आयोग ने अजित पवार गुट को एनसीपी का चुनाव चिह्न और नाम दे दिया. इसके बाद एनसीपी शरद चंद्र पवार गुट ने चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. इस याचिका पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने अजित गुट को फटकार लगाई है.

सिंघवी ने रखी दलीलें

सुनवाई के दौरान राष्ट्रवादी शरद चंद्र पवार गुट के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने जोरदार दलील दी. सिंघवी ने आरोप लगाया कि अजित पवार का ग्रुप शरद पवार के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर रहा है. इस पर उन्होंने आपत्ति जताई. अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में कुछ पोस्टर दिखाए, अजित पवार गुट के इन पोस्टरों को देखिए, इन पर शरद पवार की फोटो है, अजित पवार शरद पवार की फोटो और घड़ी चुनाव चिह्न का कैसे इस्तेमाल करते हैं? सिंघवी ने तर्क दिया, हमारी मांग है कि उन्हें हमारी तस्वीर, घड़ी का उपयोग करने की अनुमति न दी जाए.

इस बीच शीर्ष कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए अजित पवार की पार्टी एनसीपी को फटकार लगाई है. कोर्ट ने लिखित निर्देश दिया है कि किसी भी स्तर पर शरद पवार के नाम और फोटो का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. कोर्ट ने अजित गुट के कार्यकर्ताओं से यह भी कहा है कि वे शरद पवार की तस्वीर का इस्तेमाल न करें. अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी. इसके साथ ही कोर्ट ने अजित पवार गुट से तीन सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है.

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साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।