गुरुवार, सितंबर 17 2026 | 07:56:39 PM

दो सम्प्रदायों के बीच विवाद के कारण उदयपुर में अभी भी तनाव

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जयपुर. राजस्थान का उदयपुर एक बार फिर से सांप्रदायिक हिंसा की चपेट में है. शुकवार को सरकारी स्कूल के दो छात्रों के बीच हुए विवाद ने उग्र रूप ले लिया. वर्ग विशेष के छात्र ने दूसरे हाई स्कूल के छात्र को चाकू घोंप दिया. घटना के बाद शहर में आगजनी और तोड़-फोड़ की गई. अचानक शहर में हुई हिंसा से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया. हालात काबू करने के लिए शहर में धारा 144 लागू की गई. सोशल मीडिया पर कोई अफवाह न फैले इसके लिए इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है. शहर व आसपास इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात किया गया है.

पुलिस ने आरोपी नाबालिग छात्र को डिटेन किया है और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है. घटना से हिंदू संगठनों में भारी गुस्सा है. हालात काबू करने के लिए 1500 से अधिक पुलिस जवानों को तैनात किया गया है. उदयपुर के 15 पुलिस थाने का जाब्ता भी अस्पताल और शहर में व्यवस्थाओं के लिए लगाया गया है. सुरक्षा का माहौल बनाने के लिए जयपुर से सात कंपनियां बुलाई गई हैं.

छात्र की मौत की अफवाह से फैला गुस्सा

बवाल शुक्रवार को उदयपुर के सूरजपोल थाना क्षेत्र से शुरू हुआ. शहर के बीच स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भट्टियानी चोहट्टा में दो छात्र आपस में भिड़ गए. विशेष वर्ग के छात्र ने 10वीं के छात्र पर चाकू से हमला कर दिया. चाकू उसकी जांघ में लगा. घटना से स्कूल में सनसनी फैल गई. स्कूल के स्टाफ ने घायल छात्र को अस्पताल में भर्ती कराया. पुलिस के अधिकारी ने बताया कि स्कूल में बच्चों के बीच चाकूबाजी की घटना हुई, जिसमें एक बच्चा घायल जो गया. घायल छात्र की मौत की अफवाह फैलने से लोग गुस्सा हो गए.

इंटरनेट किया बंद, लगाई धारा 144

माहौल न बिगड़े इसके लिए शहर में धारा 144/163 लागू कर दी है. इसके बाद देर शाम संभागीय आयुक्त ने एक आदेश जारी कर शहर के कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी हैं. शहर के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में भी आगामी आदेश तक अवकाश घोषित किया गया है. नगर निगम और यूडीए क्षेत्र में आने वाले सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी के आदेश जारी कर दिए गए हैं. कॉलेज में भी छुट्टी के आदेश दिए गए हैं. रक्षाबंधन के बाद जिला कलेक्टर के आदेश के बाद स्थिति के हिसाब स्कूलो को खोला जाएगा. इस मामले में घायल छात्र के परिजन और हिंदू समाज के लोगों ने आरोपी के घर बुलडोजर चलाने की मांग की है.

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साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।