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कांग्रेस ने नांदेड़ लोकसभा सीट से रविंद्र चव्हाण को दिया टिकट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. नांदेड़ लोकसभा उपचुनाव के लिए कांगेस ने रविंद्र वसंतराव चव्हाण (Ravinder Vasantrao Chavan) को उम्मीदवार बनाया है. वो कांग्रेस के दिवंगत सांसद वसंतराव बलवंत राव चव्हाण (Basantrao Balwantrao Chavan) के बेटे हैं. उनके निधन के बाद ये सीट खाली हो गई. वसंतराव ने लोकसभा चुनाव में बीजेपी के प्रतापराव गोविंदराव चिखलीकर को हराया था.

बता दें कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने बुधवार को यह संकेत दिया था कि वसंतराव के बेटे को नांदेड़ से टिकट दिया जा सकता है क्योंकि केवल उनके नाम का ही सुझाव आया है. नांदेड़ सीट पर 2019 में चिखलीकर को जीत मिली थी जिसके बाद बीजेपी ने उनका टिकट दोहराया था लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा. उन्हें वसंतराव के मुकाबले 469452 वोट मिले. वसंतराव को  528894 वोट प्राप्त हुए थे.

रविंद्र वसंतराव के नाम को खरगे ने दी मंजूरी

वसंतराव पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए थे लेकिन अगस्त में उनका निधन हो गया. वह हैदराबाद के एक अस्पताल में भर्ती थे. कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लोकसभा उपचुनाव के लिए रविंद्र वसंतराव चव्हाण को पार्टी का प्रत्याशी नामित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.

कभी कांग्रेस तो कभी बीजेपी को मिली है नांदेड़ से जीत

नांदेड़ सीट पर 1952 से लेकर 1971 तक कांग्रेस का ही दबदबा रहा है. हालांकि बीच शेड्यूल कास्ट्स फेडरेशन के भी सांसद यहां से निर्वाचित हुए हैं. 1962 से लेकर 1999 तक कभी जनता दल तो कभी कांग्रेस के प्रत्याशी को जीत हासिल हुई है. 2004 में पहली बार बीजेपी के दिगंबर बापूजी पवार पाटील को जीत हासिल हुई थी. लेकिन अगले साल कांग्रेस के प्रत्याशी को जीत मिली. 2004 से लेकर अब तक एक चुनाव में बीजेपी तो दूसरे चुनाव में कांग्रेस को यहां से जीत मिली है. नांदेड़ लोकसभा सीट पर 20 नवंबर को उपचुनाव कराए जाएंगे जिस दिन राज्य में विधानसभा का चुनाव होना है. चुनाव के नतीजे 23 नवंबर को आएंगे.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।