शनिवार, सितंबर 19 2026 | 05:34:19 PM

राहुल गांधी को बरेली के एमपी-एमएलए कोर्ट ने एक बयान को लेकर दिया नोटिस

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के बरेली में एमपी एमएलए कोर्ट ने लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी के दिए गए एक बयान पर नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने 7 जनवरी को हाजिर होने का आदेश दिया है. राहुल गांधी के खिलाफ हिंदूवादी नेता पंकज पाठक में कोर्ट में वाद दायर किया था. बरेली के एमपी एमएलए कोर्ट में हिंदू महासभा के मंडल अध्यक्ष पंकज पाठक ने एक वाद दायर किया था. जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लिया है. कोर्ट ने राहुल गांधी को नोटिस जारी किया है. इतना ही नहीं एमपी एमएलए कोर्ट ने 7 जनवरी के लिए राहुल गांधी को हाजिर होने का आदेश दिया है. कोर्ट के आदेश के बाद कांग्रेस पार्टी में हड़कंप मच गया है. अब राहुल गांधी को 7 जनवरी के लिए बरेली के एमपी एमएलए कोर्ट में पेश होना पड़ेगा.

क्यों दिया राहुल गांधी को कोर्ट ने नोटिस

राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव के दौरान एक बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि हमारी सरकार के आने पर आर्थिक सर्वेक्षण कराएंगे. उसके आधार पर जिसकी भागीदारी अधिक होगी अगर उसकी संपत्ति कम है तो कम आबादी वाले जिसकी संपत्ति अधिक है उससे लेकर कम संपत्ति वालों को दी जाएगी. राहुल गांधी के बयान का चुनाव के दौरान भी काफी विरोध हुआ था. ये माना जा रहा था कि एक वर्ग विशेष को खुश करने के लिए राहुल गांधी इस तरह के बयान देते हैं.

आहत होकर किया वाद दायर

इससे हिंदू समुदाय में भय का माहौल पैदा हो गया था. जिसके बाद बरेली में राहुल गांधी के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किया गया था. जिसमें अब जाकर एमपी एमएलए कोर्ट ने संज्ञान लिया है और राहुल गांधी को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. पूरे मामले में कोर्ट में वाद दायर करने वाले और हिंदू महासभा के मंडल अध्यक्ष पंकज पाठक ने बताया कि राहुल गांधी का ये बयान मुस्लिम समुदाय को खुश करने और हिंदुओं से उनकी संपत्ति छीनने को लेकर था. जिससे वो बहुत आहत हुए, जिस वजह से उन्होंने वाद दायर किया था.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।