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बिहार में एक हफ्ते के अंदर गिरा तीसरा पुल, 1.5 करोड़ की आई थी लागत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. बिहार में एक ही हफ्ते में तीसरा पुल गिरने की घटना सामने आई है. यहां अररिया और सिवान के बाद रविवार को मोतिहारी में भी निर्माणाधीन पुल भरभरा कर गिर गया. यह घटना जिले के घोड़ासहन प्रखंड क्षेत्र के अमवा से चैनपुर के रास्ते में बन रहे पुल की है. यह पुल चालू होने से पहले ही एकदम से गिर गया. हालांकि, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है. जानकारी के मुताबिक, लगभग डेढ़ करोड़ के लागत से इस पूल को धीरेंद्र कंट्रक्शन के द्वारा बनाया जा रहा था और यह पुल चालू होने के पहले ही गिर गया. पूल के गिरने के बाद अब लोग तरह तरह के आरोप लगा रहे हैं तो दूसरी ओर सरकार की भी खूब बदनामी हो रही है.

सिवान में भी गिरा था पुल

सिवान में गंडक नहर पर बना हुआ एक पुल अचानक गिर गया. पुल गिरने से अचानक आई तेज आवाज से इलाके में हड़कंप मच गया. पिलर धंसते ही कुछ ही मिनट में पुल धड़ाम से गिर गया. इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है. जानकारी के मुताबिक, पुल काफी पुराना था और बीते वर्ष नहर का निर्माण कराया गया था, लेकिन नहर बनाने में लापरवाही हुई. ऐसे में पानी के तेज बहाव से पुल के पिलर से मिट्टी का कटाव होने लगा और पुल का पिलर धंसने लगा.

अरिया में भी गिरा था पुल

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अररिया जिले में हाल ही में बकरा नदी पर बना पुल धंस गया था. 12 करोड़ से निर्मित इस पुल का अभी उद्घाटन भी नहीं हुआ था. पुल के दो से तीन पिलर नदी में धंस गए और पुल गिर गया. यह पुल सिकटी और कुर्साकांटा प्रखंड को जोड़ने वाला था.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।