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जगद्गुरु कृपालु जी महाराज की बेटी की सड़क दुर्घटना में मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. भक्ति धाम मनगढ़ कुंडा व प्रेम मंदिर वृंदावन के संस्थापक जगद्गुरू कृपालु जी महाराज जी (Jagadguru Kripaluji Maharaj) की बेटियों का यमुना एक्सप्रेस पर भयानक एक्सीडेंट हो गया. रविवार को हुए इस हादसे में उनकी बड़ी बेटी की दर्दनाक मौत हो गई. दरअसल, तीनों बेटियां सिंगापुर जाने के लिए निकली थी और उन्हें जेवर एयरपोर्ट जाना था कि तभी सुबह के समय यमुना एक्सप्रेस वे पर भीषण एक्सीडेंट हो गया. उनकी कार डंपर से जा टकराई.

सभी घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती करवाया गया

हादसे में कृपालु जी की बड़ी बेटी 65 साल की डॉ. विशाखा त्रिपाठी का निधन हुआ है. हादसा दो छोटी बेटियों, डॉ. श्यामा त्रिपाठी व डॉ. कृष्णा त्रिपाठी की हालत गंभीर बताई जाती जा रही है. सभी घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. सिंगापुर जाने के लिए तीनों बहनें फ्लाइट पकड़ने एयरपोर्ट के लिए जा रही थीं.

वृंदावन से दिल्ली जा रहे थे

बताया जा रहा है कि रविवार सुबह थाना दनकौर क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर 8 किलोमीटर के बोर्ड के पास आगरा से नोएडा की तरफ जाने वाले रास्ते पर कैंटर ने दो कार इनोवा हाय क्रॉस व टोयोटा केमरी को पीछे से टक्कर मार दी. जिसमें आठ लोग घायल हो गए हैं. घायलों को एंबुलेंस के द्वारा अस्पताल भेजा गया है. घायल व उनके साथी एक समूह में वृंदावन की यात्रा करके वृंदावन से दिल्ली जा रहे थे.

घायलों का विवरणः

1. हंसा पटेल
2. कंचन पटेल निवासीगण कुंडा प्रतापगढ़
3. गरिमा गुप्ता निवासी दिल्ली
4. संजय मलिक
5. दीपक भरेजा निवासी द्वारिका दिल्ली
6. विशाखा त्रिपाठी निवासी सेक्टर 10 द्वारका नई दिल्ली
7. श्यामा त्रिपाठी निवासी सेक्टर 10 द्वाराका नई दिल्ली
8. कर्षना त्रिपाठी निवासी सेक्टर 10 नई दिल्ली

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साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।