शनिवार, सितंबर 19 2026 | 05:34:04 PM

तेलंगाना कांग्रेस में बगावत, 10 विधायकों ने की अलग बैठक

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

हैदराबाद. तेलंगाना कांग्रेस में शायद सबकुछ ठीक नहीं है? पार्टी में अंदरूनी कलह की खबरें सामने आ रही है. पार्टी के 10 विधायकों ने एक बंद कमरे में बैठक की, जिससे पार्टी नेतृत्व टेंशन में आ गई है. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पार्टी विधायकों के बीच बढ़ते असंतोष कम करने के लिए सभी मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे. कहा जा रहा है कि मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास से विधायक असंतुष्ट है. मुख्यमंत्री की बैठक के कारण श्रीनिवास ने अपना पलेयर दौरा रद्द कर दिया. बैठक में अधिकारियों को शामिल न होने का निर्देश दिया है. पार्टी आलाकमान को चिंता है कि स्थानीय निकाय चुनाव और एमएलसी चुनाव से पहले विधायकों के बगावत की जानकारी जनता में जाती है तो गलत संदेश जा सकता है.

इन विधायकों ने की सीक्रेट मीटिंग

विधायक अनिरुद्ध रेड्डी के फार्महाउस पर कांग्रेस के 10 विधायकों ने बैठक की. 10 विधायकों में  मुरली नाइक, भूपति रेड्डी, बीरला इलैय्या, कुचुकुल्ला राजेश रेड्डी, अनिरुद्ध रेड्डी, दोंती माधव रेड्डी, संजीव रेड्डी, लक्ष्मीकांत, नैनी राजेंदर रेड्डी और नयेनम श्रीनिवास रेड्डी शामिल हैं.

सासंद बोले- वह बस एक डिनर कार्यक्रम था

बैठक के बारे में नागरकर्नूल के सांसद मल्लू रवि ने कहा- ये महज एक डिनर मीटिंग थी. विपक्षी दल इसे जबरदस्ती तूल देने की कोशिश कर रहे हैं. सांसद ने मीडिया से कहा- बैठक आईटीसी कोहिनूर में हुई थी. किसी फार्महाउस में नहीं. उन्होंने साफ किया कि डिनर में 10 विधायक आने वाले थे पर आए सिर्फ आठ ही. कांग्रेस सांसद ने आगे कहा- मैंने सभी विधायकों से व्यक्तिगत तौर पर बात की है. उन्होंने बगावत की सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है. रवि ने कहा- मामले को बढ़ाकर चढ़ाकर पेश किया जा रहा है. जानबूझकर इसे ऐसा रंग दिया जा रहा है कि कांग्रेस विधायक राज्य नेतृत्व के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं.

10 में अधिकांश बीआरएस के बागी

तेलंगाना कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा- राज्य कमान उन विधायकों से जवाब मांगेगी. अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जाएगा. कहा जा रहा है, उन 10 विधायकों में अधिकांश वे नेता है, जो पिछले साल केसीआर की बीआरएस से इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल हुए थे.

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साभार : न्यूजनेशन

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।