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बिहार कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान के बेटे ने की आत्महत्या

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. बिहार प्रदेश कांग्रेस के विधायक दल के नेता शकील अहमद खान के बेटे की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस विधायक के बेटे अयान खान (17) ने सुसाइड कर लिया है। घटना के बाद हड़कंप मच गया। फौरन पटना पुलिस के अधिकारी टीम के साथ पहुंचे और जांच में जुट गए। एसएफएल की टीम को जांच के बुलाया गया। वहीं शकील अहमद खान गुजरात में है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पटना लौट रहे। कांग्रेस विधायक के आवास पर नेताओं और उनके परिजनों की भीड़ उमड़ पड़ी है।

सांसद पप्पू यादव ने जताया शोक

इसकी जानकारी निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पर शेयर की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है कि एक अत्यंत दुःखद सूचना से मर्माहत हूं! बिहार में कांग्रेस विधायक दल के नेता मेरे मित्र डॉ शकील अहमद ख़ान साहब के इकलौते पुत्र का असामयिक निधन हो गया है। मेरी पूरी संवेदना शकील भाई और उनके परिजनों के साथ है। लेकिन, एक पिता माता के लिये ढांढस के कोई मेरे पास शब्द नहीं है।

कमरे में फंदे से झूलता मिला शव

इधर, कांग्रेस के वरीय नेता के इकलौते बेटे की आत्महत्या की खबर से पार्टी नेताओं और करीबियों में शोक की लहर है। सभी उनसे मिलने उनके सरकारी आवास पर पहुंच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, विधायक के बेटे रोजाना की ही तरह सोने गए थे। किसी ने उनके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं देखा था। हालांकि, सुबह जब वे खुद बाहर नहीं आए तो आवास में मौजूद लोग उन्हें पूछने गए। वहां जाकर उन्होंने देखा कि अयान का शव फंदे से झूल रहा था। इसके बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। बताया जा रहा है कि हाल में ही जब राहुल गांधी पटना आए थे तो शकील अहमद ने मंच पर ही बेटे को राहुल से मिलवाया था। अयान ने राहुल गांधी को कुछ दस्तावेज सौंपे थे।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।