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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के बांधों में बचा है सिर्फ 50 प्रतिशत से कम पानी

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पेशावर. पाकिस्तान में किसानों को पानी की कमी के चलते फसल बुवाई के संकट का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तान की सिंधु नदी सिस्टम अथॉरिटी (IRSA) का अनुमान है कि, देश में सिंधु, झेलम और चिनाब नदी के प्रवाह में 21% की कमी आई है। खैबर पख्तूनख्वा राज्य में स्थिति प्रमुख बांध मंगला और तरबेला में 50% से भी कम पानी बचा है।

IRSA के मुताबिक 2 जून 2025 को पंजाब में कुल पानी की उपलब्धता सिर्फ 1,28,800 क्यूसेक थी, जो पिछले साल के मुकाबले 14,800 क्यूसेक कम है। वहीं, पाकिस्तान सरकार के के मुताबिक, 2 जून 2025 तक पंजाब प्रांत में सिंधु नदी प्रणाली में पानी की उपलब्धता पिछले साल के मुकाबले 10.3% कम हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि सिंधु जल संधि स्थगित होने के बाद अब भारत पाकिस्तान के साथ जल प्रवाह के आंकड़े शेयर नहीं करेगा। इससे बरसात के मौसम में बाढ़ मैनेजमेंट भी मुश्किल हो जाएगा।

पाकिस्तान में मानसून पहुंचने में अभी 4 हफ्ते लगेंगे

पाकिस्तान के ऊपर एक एंटी साइक्लोन बन गया है। इस वजह से कई इलाके भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। बलूचिस्तान के कई इलाकों में 16 घंटे बिजली कटौती हो रही है, इस वजह से गर्मी काटना और भी मुश्किल हो गया है। अभी दक्षिण-पश्चिम मॉनसून को पाकिस्तान पहुंचने में 4 हफ्ते लगेंगे, ऐसे में आने वाले हफ्ते और ज्यादा मुश्किल भरे हो सकते हैं।

पहलगाम हमले के बाद भारत ने रोका था सिंधु जल समझौता

22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में 5 आतंकियों ने 26 टूरिस्ट्स की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके अगले दिन PM नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारत ने 5 बड़े फैसले लिए थे। इसमें 65 साल पुरानी सिंधु जल संधि को रोका गया था। अटारी चेक पोस्ट बंद कर दिया गया था। वीजा बंद कर दिया गया और उच्चायुक्तों को हटा दिया था। इसके बाद 7 मई को भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में मौजूद कई आतंकी ठिकानों को एयर स्ट्राइक करके तबाह कर दिया था। दोनों देशों में 4 दिन तक संघर्ष चला था, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने 10 मई को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सीजफायर की जानकारी दी थी।

सिंधु जल समझौता स्थगित करने से पाकिस्तान पर असर

  • पाकिस्तान में खेती की 90% जमीन यानी 7 करोड़ एकड़ एरिया में सिंचाई के लिए पानी सिंधु नदी प्रणाली से मिलता है। पाकिस्तान की नेशनल इनकम में एग्रीकल्चर सेक्टर की हिस्सेदारी 23% है और इससे 68% ग्रामीण पाकिस्तानियों की जीविका चलती है। ऐसे में पाकिस्तान में आम लोगों के साथ-साथ वहां की बेहाल अर्थव्यवस्था और बदतर हो सकती है
  • पाकिस्तान के मंगल और तरबेला हाइड्रोपावर डैम को पानी नहीं मिल पाएगा। इससे पाकिस्तान के बिजली उत्पादन में 30% से 50% तक की कमी आ सकती है। साथ ही औद्योगिक उत्पादन और रोजगार पर असर पड़ेगा।

साभार : दैनिक जागरण

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