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केंद्र सरकार ने ओडिशा में ग्रामीण स्थानीय निकायों को 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत 444 करोड़ रुपए की अनुदान राशि जारी की

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ओडिशा के ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत अनुदान जारी कर दिया है। इस अनुदान में राज्य की 20 पात्र जिला पंचायतों (जिला परिषदों), 296 पात्र ब्लॉक पंचायतों (पंचायत समितियों) और 6,734 पात्र ग्राम पंचायतों के लिए 342.5964 करोड़ रुपए की असंबद्ध अनुदान राशि की दूसरी किस्त शामिल है। इसके साथ ही, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए असंबद्ध अनुदान राशि की पहली किस्त के रोके गए हिस्से के रूप में 101.7815 करोड़ रुपए की राशि भी 20 पात्र जिला परिषदों, 233 पात्र पंचायत समितियों और 649 पात्र ग्राम पंचायतों को जारी की गई है।

पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल और स्वच्छता विभाग) के माध्यम से ग्रामीण स्थानीय निकायों/पंचायती राज संस्थाओं के लिए राज्यों को पंद्रहवें वित्त आयोग अनुदान जारी करने की सिफारिश करती है। वित्त मंत्रालय बाद में प्रत्येक वित्त वर्ष में दो किश्तों में यह अनुदान जारी करता है।

ग्रामीण स्थानीय निकायों/पंचायती राज संस्थाओं द्वारा वेतन और अन्य स्थापना लागतों को छोड़कर, संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में निहित उनतीस (29) विषयों के तहत स्थान-विशिष्ट महसूस की गई जरूरतों के लिए अनटाइड अनुदान का उपयोग किया जा सकेगा। वहीं बद्ध अनुदानों का उपयोग स्वच्छता, कचरे का प्रबंधन, ओडीएफ स्थिति के रखरखाव, पेयजल की आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण में किया जाता है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।