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सेल ने वैश्विक उपस्थिति को मजबूत बनाने के लिए दुबई में प्रतिनिधि कार्यालय का उद्घाटन किया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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भारत के सबसे बड़े इस्पात उत्पादकों में से एक स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने दुबई में अपने प्रतिनिधि कार्यालय का उद्घाटन किया है। मध्य पूर्व में सेल का पहला अंतरराष्ट्रीय कार्यालय इसकी वैश्विक विस्तार रणनीति में एक महत्वपूर्ण पहल है।

केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री श्री एच.डी. कुमारस्वामी ने इस कार्यालय का उद्घाटन दुबई में भारत के महावाणिज्यदूत श्री सतीश कुमार सिवन, सेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री अमरेंदु प्रकाश, एनएमडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री अमिताभ मुखर्जी, इस्पात मंत्रालय में संयुक्त सचिव श्री वी.के. त्रिपाठी तथा सेल, इस्पात मंत्रालय, एनएमडीसी और मेकॉन के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया।

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रणनीतिक केंद्र के रूप में स्थापित दुबई कार्यालय सेल के इस्पात निर्यात को बढ़ावा देने, उद्योग संबंधों को और परिपुष्ट बनाने और भारत-यूएई व्यापार संबंधों को मजबूत करने में सहायता प्रदान करेगा। मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका (एमईएनए) क्षेत्र के प्रवेश द्वार के रूप में दुबई की भूमिका और निवेशक-अनुकूल वातावरण इसे उभरते बाजारों में विस्तार के लिए एक आदर्श आधार बनाता है।

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यह पहल भारत के इस्पात उद्योग की वैश्विक उपस्थिति को बढ़ाने और 2030 तक 300 मिलियन टन के राष्ट्रीय इस्पात उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त करने के दृष्टिकोण के अनुरूप है। यह सेल के एक वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी इस्पात निर्माता के रूप में विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और अंतरराष्ट्रीय इस्पात क्षेत्र में भारत की निरंतर होती प्रगति की स्थिति को दर्शाता है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।