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हाईकोर्ट ने संभल मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन के खिलाफ दायर याचिका को किया खारिज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के संभल में मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन के खिलाफ दायर याचिका खारिज करके इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को झटका दिया है. साथ ही बेंच ने याचिकाकर्ताओं को ट्रायल कोर्ट में अपील करने का निर्देश भी दिया है. आज सुबह करीब 10 बजे याचिका पर सुनवाई हुई और जस्टिस दिनेश पाठक की बेंच ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया. मस्जिद कमेटी के वकील अरविंद कुमार त्रिपाठी और शशांक त्रिपाठी हैं. वहीं चीफ स्टैंडिंग काउंसिल जे एन मौर्या और स्टैंडिंग काउंसिल आशीष मोहन श्रीवास्तव ने प्रदेश सरकार की ओर से पक्ष रखा.

सरकार और प्रशासन ने मस्जिद को बताया अवैध

बता दें कि संभल जिले से 30 किलोमीटर दूर असमोली क्षेत्र के राया बुजुर्ग गांव में गौसुलबरा मस्जिद बनी है, जिसे सरकार ने अवैध करार दिया है. सरकार का कहना है कि मस्जिद अवैध है और इसे तालाब के लिए तय की गई सरकारी जमीन पर बनाया गया है. इसलिए गत 2 अक्टूबर को DM और SP की मौजूदगी में बुलडोजर से मस्जिद के साइड में बना मैरिज हॉल ढहाया गया. फिर जब मस्जिद को ढहाने की बारी आई तो लोगों ने 4 दिन का समय मांगते हुए मस्जिद को खुद तोड़ने का आश्वासन दिया. इसके बाद लोगों ने मस्जिद को ढहाना शुरू कर दिया, लेकिन मुस्लिम पक्ष ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी.

2 अक्टूबर को ढहाया गया था मैरिज हाल

याचिका में मस्जिद और इसके आस-पास बने मैरिज हाल और अस्पताल ढहाने का आदेश सरकार ने पारित किया है, लेकिन इससे मुस्लिमों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है. 2 अक्टूबर को गांधी जयंती और दशहरे के दिन बुलडोजर से मैरिज हॉल को ढहा दिया गया, लेकिन मस्जिद को ढहाने की कार्रवाई के खिलाफ एक्शन होना चाहिए. जस्टिस के आदेश पर मुस्लिम पक्ष की ओर से मस्जिद के वैध होने से जुड़े डॉक्यूमेंट भी पेश किए गए थे, लेकिन याचिका पर सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों को सुनने के बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस ने कहा कि मामले में अपील ट्रायल कोर्ट में दायर होनी चाहिए.

साभार : न्यूज24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।