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उपद्रवियों के फेंके गए ईंट-पत्थर से बनेगी संभल में पुलिस चौकी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. यूपी के संभल में उपद्रवियों के ईंट-पत्थरों से पुलिस चौकी का निर्माण किया जाएगा। पिछले साल नवंबर में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा में करीब 6 ट्राॅली ईंट-पत्थर जमा किए गए थे। ये सभी ईंट-पत्थर हिंसा वाली जगह पर बिखरे पड़े थे। पुलिस ने उन्हें इकट्ठा करके रखवाया था। मामले में संभल के एसपी कृष्ण बिश्नोई ने कहा कि पत्थरबाजों द्वारा फेंके गए पत्थरों को ही संभल के लोगों की सुरक्षा में लिए काम में लाया जाएगा। जिले के दीपा सराय और हिंदूपुराखेड़ा के बन रही पुलिस चौकियों के निर्माण में पत्थरबाजों द्वारा फेंके पत्थरों का इस्तेमाल किया जाएगा। बता दें कि संभल में हिंसा के बाद 38 आउटपोस्ट बनाई जा रही हैं। सरकार संभल की सुरक्षा के लिए सेफ संभल प्रोजेक्ट ला रही है।

विदेशी साजिश का इनपुट

इसके अलावा शहर के 200 चौराहों पर फेस आईडेंटिफिकेशन वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सरकार से पुलिस चौकियों के निर्माण के लिए बजट भी मिला है। बता दें कि संभल स्थित जामा मस्जिद में 24 नवंबर 2024 को कोर्ट के आदेश पर हो रहे सर्वे के दौरान अचानक हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान भीड़ ने कई घंटों तक पत्थरबाजी की थी। इसके बाद कड़ी मशक्क्त के बाद पुलिस ने हालात पर काबू पाया था। हिंसा मामले में पुलिस ने अब तक 70 से अधिक उपद्रवियों को अरेस्ट किया है। वहीं कई अभी तक फरार है। वहीं पुलिस को इसमें विदेशी साजिश का इनपुट मिला है। इसके आधार पर दो दिन पहले अरेस्ट हुए आतंकी से भी पूछताछ की जा रही है। फिलहाल इस हिंसा की जांच यूपी पुलिस के साथ-साथ न्यायिक आयोग भी कर रहा है।

संभल एसपी कृष्ण विश्नोई ने बताया कि पत्थरबाजों द्वारा फेंके गए पत्थरों का सही इस्तेमाल पुलिस चौकी बनाने में किया जाएगा। फिलहाल इन पत्थरों से दीपा सराय और हिंदूपुराखेड़ा में नई पुलिस चौकी बनाई जाएगी। इसके लिए पत्थरबाजों द्वारा फेंके गए पत्थरों का इस्तेमाल होगा।

साभार : न्यूज24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।