शनिवार, मार्च 14 2026 | 06:09:32 PM
Breaking News
Home / राष्ट्रीय / पुलिस को सभी तरह के अपराधों में गिरफ्तारी का कारण लिखित में बताना होगा: सुप्रीम कोर्ट

पुलिस को सभी तरह के अपराधों में गिरफ्तारी का कारण लिखित में बताना होगा: सुप्रीम कोर्ट

Follow us on:

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि जब भी किसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाए तो पुलिस उसे लिखकर बताया कि उसे क्यों पकड़ा गया है और ये जानकारी उसे समझ आने वाली भाषा में दी जाए। अपराध या कानून कोई भी हो, यह नियम हर हालत में लागू होना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि अगर किसी को गिरफ्तार करने से पहले या तुरंत बाद लिखित में कारण नहीं दिया गया तो सिर्फ इसी वजह से गिरफ्तारी रद्द नहीं होगी। लेकिन यह जरूरी है कि गिरफ्तार व्यक्ति को लिखित जानकारी उचित समय के अंदर जरूर दी जाए।

या हर हाल में मजिस्ट्रेट के सामने रिमांड के लिए पेश करने से कम से कम दो घंटे पहले तक दे दी जाए। अगर यह नियम नहीं माना जाता तो गिरफ्तारी और उसके बाद मिलने वाली रिमांड दोनों अवैध माने जाएंगे और व्यक्ति को रिहा किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस फैसले की कॉपी सभी हाईकोर्ट और सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को भेजी जाए। CJI बीआर गवई और जस्टिस एजे मसीह की बेंच ने जुलाई 2024 में मुंबई में हुए बीएमडब्ल्यू हिट-एंड-रन हादसे से जुड़ा केस में ये फैसला सुनाया।

बीएमडब्ल्यू हिट-एंड-रन केस के आरोपी ने अपील की थी

मिहिर राजेश शाह बनाम महाराष्ट्र राज्य के नाम से दर्ज बीएमडब्ल्यू हिट-एंड-रन केस के आरोपी मिहिर राजेश शाह की सुप्रीम कोर्ट में अपील पर ये फैसला दिया गया है। उन्होंने कहा था कि उन्हें कानून के अनुसार लिखित कारण नहीं दिए गए, इसलिए गिरफ्तारी अवैध है। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने माना था कि प्रक्रिया में गलती हुई थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए उसने गिरफ्तारी को सही ठहराया था।

सुप्रीम कोर्ट ने 52 पन्नों का फैसला दिया

जस्टिस मसीह ने बेंच की ओर से 52 पन्नों का फैसला लिखते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी गिरफ्तारी का कारण बताना संविधान का आदेश है। यह नियम हर कानून और हर तरह के अपराध चाहे वह आईपीसी 1860 (अब BNS 2023) के तहत हो या किसी और कानून के तहत में जरूरी है।

फैसले में 2 मुख्य सवालों पर विचार किया गया:

1. क्या हर मामले में यहां तक कि जब अपराध भारतीय दंड संहिता (अब BNS 2023) के तहत हो गिरफ्तारी से पहले या तुरंत बाद आरोपी को गिरफ्तारी का कारण बताना ज़रूरी है?

2. अगर कुछ खास परिस्थितियों में तुरंत कारण बताना संभव न हो, तो क्या गिरफ्तारी अमान्य हो जाएगी?

कोर्ट ने पहले के फैसलों का संदर्भ देते हुए कहा कि ऐसी भाषा में कारण बताना जिसे गिरफ्तार व्यक्ति समझ न सके, संविधान के अनुच्छेद 22 की शर्तों को पूरा नहीं करता। अगर जानकारी उसकी समझ वाली भाषा में न दी जाए, तो यह अनुच्छेद 21 और 22 के तहत उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन है। संविधान का उद्देश्य है कि व्यक्ति अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को सही तरह समझ सके और यह तभी हो सकता है जब जानकारी उसकी समझ वाली भाषा में दी जाए।

7 जुलाई 2024 को मिहिर ने BMW कार से एक कपल को टक्कर मार दी थी। इसमें 45 साल की महिला कावेरी नखवा की मौत हो गई। उसके पति को गंभीर चोटें आईं थीं। घायल पति ने ही पुलिस को घटना की जानकारी दी थी। घटना के 60 घंटे बाद 9 जुलाई को मिहिर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

आरोपी मिहिर शाह की फॉरेंसिक रिपोर्ट में ब्लड और यूरिन में शराब के सैम्पल नहीं मिले थे। हालांकि, पुलिस ने दावा किया था कि हादसे के वक्त आरोपी ने बहुत ज्यादा शराब पी रखी थी। फॉरेंसिक रिपोर्ट के लिए सैंपल घटना के तीन दिन बाद लिए गए थे। जबकि शराब पीने के 24 घंटे के भीतर अगर सैंपल लिए जाते हैं, तभी ब्लड में अल्कोहल का पता चलता है।

साभार : दैनिक भास्कर

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

मुंबई बंदरगाह पर खड़ा विशाल तेल टैंकर शेनलॉन्ग और समुद्री मानचित्र पर होर्मुज जलडमरूमध्य।

मौत के रास्ते से निकला ‘शेनलॉन्ग’: मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच भारत की बड़ी जीत

मुंबई. मध्य पूर्व (West Asia) में जारी भीषण युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में …