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सुरक्षाबलों ने छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के निकट 22 से अधिक नक्सलियों को किया ढेर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रायपुर. छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सरहद पर स्थित कर्रेगुट्टा पहाड़ में सुरक्षाबलों ने 22 से ज्यादा नक्सलियों को ढेर कर दिया है। फायरिंग अब भी जारी है। सीएम साय ने कहा कि मारे गए सभी नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। ऑपरेशन जारी है। दो दिन पहले ही कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर मुठभेड़ में जवानों ने एक महिला नक्सली को मार गिराया था। मौके से शव और हथियार बरामद किया गया। पिछले 14 दिनों से चल रहे नक्सल ऑपरेशन पर फोर्स ने अब तक कुल 4 महिला नक्सलियों को ढेर किया है। चारों के शव बरामद कर लिए गए हैं।

IED ब्लास्ट की चपेट में आकर सहायक कमांडेंट घायल

एनकाउंटर के बीच सोमवार को यहां CRPF के सहायक कमांडेंट सागर बोराडे IED ब्लास्ट की चपेट में आ गए। धमाका इतना जोरदार था कि उन्हें अपना पैर गंवाना पड़ा। घायल कमांडेंट को दिल्ली रेफर किया गया है। यहां एम्स में उनका इलाज जारी है। मंत्री रामविचार नेताम ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी थी।

घटनास्थल से विस्फोटक भी बरामद

मंगलवार को बस्तर IG सुंदरराज पी ने बताया कि, नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन जारी है। अब तक अलग-अलग मुठभेड़ में कुल चार नक्सलियों की डेड बॉडी रिकवर कर ली गई है। जवानों ने घटनास्थल से 303 हथियार समेत अन्य विस्फोटक पदार्थ भी बरामद किए हैं। नक्सलियों के कई बड़े कैडर्स को भी नुकसान हुआ है। कई घायल भी हो सकते हैं। पिछले एनकाउंटर में 8-8 लाख रुपए की 3 इनामी महिला नक्सली मारी गई थी। IG ने कहा कि ऑपरेशन जारी है। ऑपरेशन खत्म होने के बाद और जानकारी दी जाएगी।

नक्सलियों को सरेंडर करने कहा

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के खात्मे का दावा किया है। छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा भी नक्सलवाद के खात्मे के लिए लगातार नीतियां बना रहे हैं। हर एक रिपोर्ट केंद्र सरकार को दे रहे हैं। वहीं पिछले करीब डेढ़ साल में बस्तर में ही 350 से ज्यादा नक्सलियों का एनकाउंटर कर दिया गया है। अब बड़े नक्सली लीडरों को घेरा जा रहा है।

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साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।