जम्मू. पूरे कश्मीर संभाग में लगातार जारी सूखे ने पानी की आपूर्ति के स्रोतों को बुरी तरह प्रभावित किया है। इससे कई इलाकों में पेयजल संकट गहराने लगा है। जल शक्ति विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी का स्तर तेजी से कम हुआ है। विभाग ने स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन उपाय शुरू कर दिए हैं। जलस्रोत रिचार्ज के लिए बारिश की आस है।
जल शक्ति कश्मीर के चीफ इंजीनियर राकेश कुमार गुप्ता ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया। उन्होंने कहा, सूखे के कारण हमारे पानी के स्रोत प्रभावित हुए हैं। एक बार बारिश होने या मौसम का पैटर्न बदलने पर ये सोर्स फिर से रिचार्ज हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि बारिश के न होने से कई इलाकों में पानी का बहाव कम हो गया है लेकिन विभाग ने आपूर्ति बनाए रखने के लिए अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। उन्होंने कहा कि हम टैंकर सेवाओं के जरिए मांग को पूरा कर रहे हैं। प्रभावित इलाकों में पानी की आपूर्ति को सही ढंग से संचालित करने के लिए विशेष एसओपी तैयार की है। इलाकों में जरूरत के अनुसार पानी छोड़ा जा रहा है ताकि हर इलाके तक पर्याप्त सप्लाई पहुंच सके।
इंजीनियर गुप्ता ने यह भी कहा कि विभाग लगातार सभी जिलों के उपायुक्तों और संभागीय प्रशासन के संपर्क में है। जहां भी जरूरत है वहां टैंकर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हालांकि, अभी कोई बड़ा जल संकट जैसी स्थिति नहीं है।
नदियों और झरनों में जल स्तर असामान्य रूप से है कम
मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कश्मीर में अभी नदियों और झरनों में जल स्तर असामान्य रूप से कम है। इससे किसानों, पर्यावरणविदों और स्थानीय समुदायों में चिंता बढ़ गई है। उन्होंने कहा, झेलम और उसकी सहायक नदियों और कश्मीर के कई झरनों में पानी का लेवल तेजी से गिर गया है क्योंकि हमने पिछले लगभग 40 दिनों में कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नजर नहीं आया है।