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ALUMEX इंडिया 2025 प्रदर्शनी का शुभारंभ : घरेलू एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न उद्योग के लिए व्यापार बढाने और वैश्विक अवसरों का बेहतरीन मंच

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लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने एल्युमीनियम उद्योग से जुड़े देश-विदेश के अनेक अग्रणियों की उपस्थिति में इस चार दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया

 

10 सितंबर 2025, नई दिल्ली: एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न इंडस्ट्रीज से संबंधित देश की पहली “ALUMEX इंडिया 2025” प्रदर्शनी, आज नई दिल्ली के प्रगति मैदान में शुरू हुई है। यह प्रदर्शनी वास्तव में, घरेलू एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न उद्योग के लिए व्यापार विस्तरण और वैश्विक अवसरों का बेहतरीन मंच प्रदान करती है। एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALEMAI) द्वारा आयोजित इस इवेंट में, एल्युमीनियम मूल्य श्रृंखला के 200 से ज़्यादा प्रदर्शक और लगभग 25,000 बिजनेस विजीटर्स शामिल होंगे।

इस चार दिवसीय प्रदर्शनी में भारत के एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न उद्योग के लिए अवसरों, चुनौतियों और भविष्य की रूपरेखा पर फोकस किया जाएगा। वार्षिक 3 मिलियन की स्थापित क्षमता के बावजूद, घरेलू उत्पादन केवल 1.2 मिलियन टन है, जबकि शेष का आयात होता है। इसका मुख्य कारण कीमतों में अंतर, मुक्त व्यापार समझौते (FTA) में रियायतें और, चीन, वियतनाम, मलेशिया, इंडोनेशिया और कंबोडिया जैसे आसियान देशों से सस्ता आयात है। इसके अलावा हाल ही में अमेरिका द्वारा टैरिफ लगाए जाने से भी घरेलू उत्पादकों की हालत और खराब हो गई है।

उद्घाटन के अवसर पर लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि, “इस विशाल स्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन भारतीय एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न उद्योग की ताकत दर्शाता है। अपनी विशाल जनसंख्या, समृद्ध कुटीर उद्योगों, उद्यमशीलता की भावना और नवीनता क्षमताओं के साथ भारत एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, हम आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं और दुनियाभर में ‘मेक इन इंडिया’ के विजन को भी बढ़ावा दे रहे हैं।”

भारत की औद्योगिक विकास यात्रा में एल्युमीनियम क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर देते हुए श्री बिरला ने कहा कि, “एल्युमीनियम का दायरा अपार है। हवाई जहाज़ से लेकर ऑटोमोबाइल तक, कोई भी क्षेत्र इससे अछूता नहीं है। इसके पुनर्चक्रण की क्षमता और पर्यावरण-अनुकूलता इसे भविष्य की बेहतरीन धातु बनाती है। एल्युमीनियम क्षेत्र की वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए, एमएसएमई को नई तकनीकों को अपनाना होगा। साथ ही मानकों में सुधार करना होगा और गुणवत्ता पर भी ध्यान केंद्रित करना होगा। यह इवेंट, वास्तव में उद्योग में नवाचार को प्रदर्शित करने और नए मानक स्थापित करने के लिए उमदा मंच है।”

इस प्रदर्शनी के स्वागत समारोह में, ALEMAI के अध्यक्ष जितेंद्र चोपड़ा ने आगामी वर्षों में प्रदर्शनी के लिए एक नई पहचान की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि, “इस प्रदर्शनी का नाम बदलकर ‘एल्युमीनियम भारत’ रखा जाएगा। यह केवल एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, किन्तु इसमें रोल्ड उत्पादों और वायर रॉड से लेकर ऑटो कास्टिंग तक, सभी क्षेत्र और उत्पाद शामिल होंगे। ALUMEX इंडिया, एक्सट्रूज़न उद्योग के लिए एक समर्पित सेगमेंट के रूप में जारी रहेगा, लेकिन ‘एल्युमीनियम भारत’ पूरे एल्युमीनियम ईकोसिस्टेम को एक मंच पर लाएगा और इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करेगा।”

श्री चोपड़ा ने आगे कहा कि, “ALUMEX इंडिया 2025” प्रदर्शनी, विशेष रूप से एल्यूमीनियम आयात पर निर्भरता को कम करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी मूल्य श्रृंखला के निर्माण में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के प्रति उनकी प्रतिबद्धता दर्शाता है।

हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के चीफ स्ट्रेटजी ऑफिसर अनिरुद्ध कुलकर्णी ने कहा कि, “एल्युमीनियम उद्योग को आज निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए आयात शुल्क को तर्कसंगत बनाने और मजबूत मानकों की आवश्यकता है। आगे बढ़ते हुए, इस क्षेत्र को तीन प्रमुख घटकों पर ध्यान केंद्रित करना होगा –

  • वैश्विक मानकों को पूरा करने के लिए उत्पाद की गुणवत्ता
  • स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए संसाधनों का पुनः उपयोग
  • दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने के लिए डिजिटलीकरण

अपने संबोधन में वेदांता के सीईओ राजीव कुमार ने एल्युमीनियम उद्योग के आर्थिक महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि, “एल्युमीनियम क्षेत्र आज भारत के सकल घरेलू उत्पाद(GDP) में लगभग 2% का योगदान देता है। यह हल्का, बहुमुखी और असीमित पुनः उपयोग करने योग्य है। परिवहन एवं निर्माण से लेकर रक्षा, पैकेजिंग और नवीकरणीय ऊर्जा तक, इसका अनेक क्षेत्रों में उपयोग होता हैं। एल्युमीनियम भारत की शुद्ध शून्य उत्सर्जन की आकांक्षाओं और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता का केंद्रबिंदु है। हालांकि, हमारी प्रति व्यक्ति खपत केवल 3.5 किलोग्राम है, जबकि वैश्विक औसत 17-18 किलोग्राम है। हाल में अनेक उद्योगों में इसका महत्व और इस्तेमाल बढा है। एल्युमीनियम उद्योग की भूमिका पहले कभी इतनी महत्वपूर्ण नहीं रही। वर्ष 2047 तक इसकी मांग में छह गुना वृद्धि की उम्मीद है।”

“ALUMEX इंडिया 2025” के उद्घाटन दिवस पर एक्सट्रूज़न तकनीक के वैश्विक रुझानों, विभिन्न उद्योगों में मांग के मुख्य फैक्टर और परिवहन, निर्माण, ऊर्जा एवं उपभोक्ता वस्तुओं में उभरते उपयोगों पर मुख्य सत्र आयोजित किए गए। आगामी अन्य सत्र सस्टेनेबिलिटी, सर्कुलर ईकोनोमी, एमएसएमई के लिए नीतिगत सुधारों और मिश्र धातुओं में नवाचारों पर केंद्रित होंगे।

भारत में एल्युमीनियम की खपत मुख्य रूप से नवीकरणीय ऊर्जा, परिवहन, रियल एस्टेट, कन्ज्यूमर ड्यूरेबल्स और मशीनरी एवं उपकरण क्षेत्रों द्वारा संचालित है।

भारत महत्वपूर्ण बॉक्साइट भंडार के साथ दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एल्युमीनियम उत्पादक होने के बावजूद, घरेलू एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न उद्योग को कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता, पर्यावरणीय मंजूरी में विलंब और उच्च परिवहन लागत सहित अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उत्पादन में बड़ा योगदान देने वाली एमएसएमई, विशेष रूप से असुरक्षित हैं। ALEMAI ने एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न डाउनस्ट्रीम मूल्यवर्धित उत्पादों को FTA से हटाने, नाल्को जैसे घरेलू उत्पादकों से बिलेट्स तक अधिक पहुंच और स्थानीय उत्पादन को मज़बूत करने के लिए लक्षित नीतियां लागू करने की मांग की है।

ALUMEX इंडिया 2025, इवेंट के आयोजन को हिंडाल्को, वेदांता, वाणिज्य मंत्रालय, खनन मंत्रालय के अधीन स्वायत्त निकाय JNARDDC, यंत्र इंडिया लिमिटेड (रक्षा एवं स्वायत्तशासी इकाई, जो रक्षा मंत्रालय के लिए एक्सट्रूज़न प्रोडक्ट बनाती है) और EEPC-इंडिया, एमएसएमई मंत्रालय का सहयोग मिला है।

‘ALUMEX इंडिया 2025’ इवेंट के बारे में अधिक जानकारी के लिए, www.alumexindia.com की विजीट करें।

About ALEMAI

The Aluminium Extrusion Manufacturers Association of India (ALEMAI) is a leading industry organization representing more than 250 members nationwide, ranging from MSMEs to major enterprises. With a nationwide footprint and an annual production capacity of 3 million tons, ALEMAI plays a vital role in supporting over 450,000 direct and indirect jobs. As the collective voice of the aluminium extrusion industry, the association champions efficiency, sustainability, and innovation. ALEMAI works closely with policymakers, promotes best practices, and encourages collaboration to enhance the sector’s global competitiveness. It offers a dynamic platform for businesses of all sizes to thrive, evolve, and lead in today’s fast-changing market environment.

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