रविवार, सितंबर 20 2026 | 03:42:28 AM

होली पर ढकी जाएंगी संभल की 10 मस्जिदें

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के संभल में होली के मौके पर 10 मस्जिदों को तिरपाल से ढका जाएगा। दरअसल, होली के जुलूस मार्ग में पड़ने वाली सभी मस्जिदों को तिरपाल से ढका जाएगा। इन मस्जिदों में शाही जामा मस्जिद भी शामिल है। बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आज ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी कि ASI को संभल स्थित जामा मस्जिद की पुताई का काम एक सप्ताह में पूरा करने का बुधवार को निर्देश भी दिया है। संबद्ध पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल ने ASI को मस्जिद की बाहरी दीवारों की पुताई और वहां लाइट लगाने का निर्देश दिया।

शाहजहांपुर में भी तिरपाल में ढकी जा रहीं मस्जिदें

बता दें कि विवाद की किसी भी स्थिति से बचने के लिए पहले भी मस्जिदों को तिरपाल से ढकने की खबरें सामने आती रही हैं। यूपी के शाहजहांपुर में भी होली के मौके पर मस्जिदों और मजारों को तिरपाल से ढक दिया गया है। शाहजहांपुर में होली के दिन लाट साहब का जुलूस निकाला जाता है और इसको लेकर शहर के करीब 67 मस्जिद-मजारों को तिरपाल से ढकने का काम किया गया है। एसपी ने बताया कि शहर में निकलने वाले परंपरागत लाट साहब के 10 किलोमीटर मार्ग में पड़ने वाली सभी मस्जिदों / मजारों को काली पन्नी और तिरपाल से ढंक दिया गया है ताकि होली का रंग न पड़ सके।

‘नमाज के समय को लेकर पुलिस प्रशासन से चर्चा नहीं’

शाहजहांपुर के प्रशासन ने कहा है कि सब कुछ पुराने नियमों के मुताबिक है, कुछ भी नया नही है। वहीं, संभल की बात करें तो यहां भी विवाद की किसी भी स्थिति से बचने के लिए होली जुलूस के मार्ग पर पड़ने वाली मस्जिदों को तिरपाल से ढकने का फैसला किया गया है। इस बीच शाही जामा मस्जिद कमेटी ने होली के पर्व के दिन ही शुक्रवार की जुमे की नमाज के समय के बारे में पुलिस प्रशासन के साथ किसी भी चर्चा से इनकार किया है। मस्जिद कमेटी ने स्पष्ट किया है कि वे आने वाले दिनों में स्वतंत्र रूप से नमाज के समय की घोषणा करेंगे।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।