शनिवार, सितंबर 19 2026 | 10:42:21 PM

मुर्शिदाबाद हिंसा में अब तक 3 की मौत, 120 से अधिक गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
6 Min Read

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून के खिलाफ जारी प्रदर्शन का दौर थमता नजर नहीं आ रहा है. मुर्शिदाबाद जिले में जारी हिंसक प्रदर्शन में तीन लोगों की मौत हो गई. इसमें पिता-पुत्र भी शामिल है. शमसेरगंज प्रखंड के जाफराबाद में हुई हिंसा में इन दोनों की हत्या कर दी गई. न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट में बताया गया कि इन दोनों की लाश इनके घर में मिले. इनके शरीर पर चाकू के कई घाव मिले. परिजनों ने बताया कि हमारे घर में लूटपाट की गई और पिता-पुत्र की चाकू मारकर हत्या कर दी गई.

मुर्शिदाबाद के हिंसा वाले इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती के आदेश

इधर मुर्शिदाबाद में जारी हिंसा को देखते हुए कलकता हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. हाईकोर्ट ने मुर्शिदाबाद के हिंसाग्रस्त इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती के आदेश दिए है. मालूम हो कि बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने हाईकोर्ट से मुर्शिदाबाद में केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की थी. उनकी मांग को राज्य सरकार को गैरजरुरी बताया था. लेकिन हाईकोर्ट के डबल बेंच न्यायमूर्ति सौमेन सेन और न्यायमूर्ति राजा बसु चौधरी ने मुर्शिदाबाद के जंगीपुर में केंद्रीय बलों की तैनाती के आदेश दिए. जिले में जारी हिंसक प्रदर्शन में गोलीबारी भी हुई. शनिवार को हिंसा की ताजा घटना मुस्लिम बहुल जिले के शमशेरगंज प्रखंड के धुलियान में हुई. पुलिस ने बताया कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में शुक्रवार को जिले के सुती और समसेरगंज इलाकों से बड़े पैमाने पर हिंसा भड़कने की सूचना मिली है.

पुलिस अधिकारी ने बताया- गोलीबारी किसने की, चल रही जांच

कोलकाता में प्रेस वार्ता में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) जावेद शमीम ने कहा कि स्थानीय पुलिस गोलीबारी की इस घटना में शामिल नहीं रही होगी और संभवतः सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की ओर से यह कार्रवाई की गई होगी. उन्होंने कहा, ‘‘यह शुरुआती जानकारी है जिसकी हमें दोबारा जांच करने की जरूरत है.”

हिंसा के बाद कुछ इलाकों में बीएसएफ तैनात

हालांकि, शमीम ने कहा कि घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है. शुक्रवार की हिंसा के बाद, बांग्लादेश की सीमा से लगे जिले के कुछ इलाकों में बीएसएफ को तैनात किया गया.

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हिंसा के मामले में अभी तक 120 से ज्यादा लोग गिरफ्तार

शमीम ने बताया कि हिंसा की घटनाओं में कथित संलिप्तता के सिलसिले में अब तक 120  से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि छापेमारी जारी रहने के कारण यह संख्या और बढ़ेगी. उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाये रखने का आग्रह किया.

सुती इलाके में हुई हिंसा में भी एक लड़का हुआ है घायल

उन्होंने कहा कि एडीजी और पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) स्तर के वरिष्ठ अधिकारी मुर्शिदाबाद में स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और किसी भी तरह की झड़प को रोकने के लिए विशेष बलों को तैनात किया गया है. इस बीच, एक अधिकारी ने पहले बताया था कि जिले के सुती इलाके में झड़पों के दौरान कथित तौर पर पुलिस की गोलीबारी में घायल हुए एक किशोर को कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

संवाददाता सम्मेलन में पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार ने कहा कि हिंसा में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और पुलिसकर्मी निर्दोष नागरिकों के जीवन और संपत्ति की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे. मुर्शिदाबाद हिंसा के मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लोगों से शांति की अपील कर चुकी है. अब उनके भतीजे टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने भी लोगों से शांति की अपील की है. दूसरी ओर भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुर्शिदाबाद में केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की है.

मुर्शिदाबाद में हिंसा के बीच इंटरनेट बंद, कर्फ्यू लागू

मीडिया रिपोर्ट की माने तो हिंसा के बीच मुर्शिदाबाद में इंटरनेट बंद कर दिया गया है. धारा 163  (कर्फ्यू) लागू कर दिया गया है. मालूम हो कि मुर्शिदाबाद में 11 अप्रैल को जुमे की नमाज के दिन वक्फ कानून को लेकर हिंसा फिर से भड़क उठी थी. जिसमें कई इलाकों में जमकर तोड़-फोड़, आगजनी और पथराव किया गया. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस हिंसक प्रदर्शन में पुलिस के 15 जवान भी घायल हुए हैं.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।