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मुर्शिदाबाद में कट्टरपंथियों के डर से 400 से अधिक हिन्दुओं ने किया पलायन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कोलकाता. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता सुवेंदु अधिकारी ने रविवार (13 अप्रैल, 2025) को दावा किया कि वक्फ कानून को लेकर हुई हिंसा के बाद पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के धुलियान से 400 से अधिक हिंदुओं को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है. इस घटना में 3 लोगों की मौत का दावा भी किया गया है. सुवेन्दु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया. उनका कहना है कि ममता बनर्जी की पार्टी ने कट्टरपंथी तत्वों को बढ़ावा दिया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा, “धार्मिक रूप से प्रेरित कट्टरपंथियों के डर से धुलियान, मुर्शिदाबाद के 400 से अधिक हिंदुओं को नदी पार भागने और पार लालपुर हाई स्कूल, देवनापुर-सोवापुर जीपी, बैष्णबनगर, मालदा में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा.” इस पोस्ट में उन्होंने कुछ लोगों की तस्वीरें और वीडियो भी शेयर किए हैं.

तस्वीरों और वीडियो में लोगों ने क्या किया दावा?

बीजेपी नेता ने जिन लोगों के फोटो और वीडियो शेयर किए हैं, उनमें से एक शख्स ने दावा किया कि उसका घर जला दिया गया था और पुलिस अधिकारियों ने मदद के लिए कुछ नहीं किया, बल्कि घटनास्थल से भाग गए. उन्होंने इलाके में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ-साथ जिला और राज्य पुलिस से लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह किया. सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “मैं जिले में तैनात केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस और जिला प्रशासन से आग्रह करता हूं कि वे इन विस्थापित हिंदुओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करें और इस जिहादी आतंक से उनके जीवन की रक्षा करें. बंगाल जल रहा है. सामाजिक ताना-बाना टूट चुका है. बस, बहुत हो गया.”

पुलिस बोली- स्थिति अब नियंत्रण में

पश्चिम बंगाल पुलिस ने बताया कि मुर्शिदाबाद में शुक्रवार रात वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ हुई हिंसा के बाद कथित तौर पर तीन लोगों की मौत हो गई. कई वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया गया और पुलिस की अगर मानें तो स्थिति अब नियंत्रण में है.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।