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बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत को नरेंद्र मोदी ने बताया सुशासन की जीत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को बंपर जीत हासिल हुई है। एनडीए की झोली में 202 सीटें देकर प्रदेश की जनता ने एक बार फिर एनडीए सरकार का जनादेश दिया है। वहीं इस चुनाव में महागठबंधन की कमर टूट गई है। उसके खाते में केवल 35 सीटें हैं। वहीं अन्य को 6 सीटें मिली हैं जिसमें 5 सीटें एआईएमआईएम को मिली हैं। इस बड़ी जीत के बाद अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि एनडीए को बंपर जीत दिलाकर बिहार के लोगों ने गर्दा उड़ा दिया है। बीजेपी मुख्यालय में आयोजित जश्न समारोह में उन्होंने ये बात कही।  मतदान के बाद के लगभग सभी सर्वेक्षणों ने NDA की जीत का अनुमान जताया था। लेकिन जो परिणाम आए वो एग्जिट पोल के अनुमानों से काफी ज्यादा हैं।

सभी सीटों के नतीजे आए, बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी

बिहार विधानसभा चुनाव में सभी सीटों के नतीजे चुनाव आयोग ने घोषित कर दिया है। एनडीए को कुल 202 सीटें मिली हैं।  बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं जनता दल यूनाइटेड 85 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है। चिराग पासवान की लोकजनशक्ति (R) को 19 सीटें हासिल हुई हैं। जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को 5 और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 4 सीटें मिली हैं। वहीं महागठबंधन को कुल 35 सीटें मिली हैं। राष्ट्रीय जनता दल 25 सीटों पर सिमट गई है जबकि कांग्रेस को केवल 6 सीटें हासिल हुई हैं। सीपीआई (ML) लिबरेशन को 2, इंक्लूसिव पार्टी को एक और सीपीएम को एक सीट पर जीत मिली है। वहीं एआईएमआईएम को पांच सीटों पर सफलता मिली है जबकि बीएसपी एक सीट जीतने में कामयाब रही।

साभार : इंडिया टीवी 

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।