शनिवार, सितंबर 19 2026 | 03:17:23 PM

गुरुवार को आमरण अनशन खत्म करेंगे प्रशांत किशोर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पिछले 13 दिनों से आमरण अनशन पर हैं। गुरुवार को 14वें दिन दोपहर 2 बजे वो अपना अनशन LCT घाट, जन सुराज आश्रम (कैंप) में तोड़ेंगे। उनकी ओर से यह कहा गया है कि युवाओं और जनसुराज परिवार के सम्मान में अपना अनशन समाप्त कर सत्याग्रह के अगले चरण की भी घोषणा करेंगे।

पिछले 13 दिनों से आमरण अनशन पर प्रशांत किशोर

BPSC 70वीं पीटी परीक्षा रद्द करवाने समेत अन्य मांगों को लेकर प्रशांत किशोर आमरण अनशन पर हैं। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें 7 जनवरी को पटना के मेदांता अस्पताल के ICU वार्ड में एडमिट कराया गया था। दो दिन तक वे ICU में रहे। इसके बाद उन्हें आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था। शनिवार 11 जनवरी की शाम उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। अस्पताल में एडमिट रहने के दौरान पीके से कई बार BPSC कैंडिडेट्स मिलने पहुंचे थे। उनसे अनशन खत्म करने की अपील की थी। प्रशांत ने अभ्यर्थियों से कहा था कि मांगें पूरी होने तक अनशन जारी रहेगा।

प्रशांत किशोर पर अब तक तीन FIR हुई

प्रशांत किशोर पर अब तक तीन FIR हो चुकी है। पीके पर पहली FIR 29 दिसंबर को गांधी मैदान और जेपी गोलंबर पर प्रदर्शन करने के लिए हुआ था। 2 जनवरी को बिना इजाजत गांधी मैदान में अनशन पर बैठने के लिए भी उन पर केस दर्ज हुआ था। इसके बाद प्रशांत किशोर पर तीसरी FIR तब दर्ज हुई, जब पीके और उनके समर्थकों ने सिविल कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान हंगामा किया था। आरोप यह भी है कि बेऊर जेल ले जाते समय पीके पुलिस जीप में बैठकर मीडिया से बात कर रहे थे।

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।