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पंजाब में ठाकुरद्वारा मंदिर पर बाइक सवारों ने ग्रेनेड से किया हमला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

अमृतसर. खंडवाला क्षेत्र में शुक्रवार को आधी रात 12.30 बजे ग्रेनेड अटैक हुआ. बाइक सवार दो युवकों ने ठाकुरद्वारा मंदिर के बाहर ग्रेनेड से अटैक कर दिया. इस हमले किसी तरह के नुकसान की कोई जानकारी नहीं है. इस हमले में मंदिर की पहली मंजिल की दीवार और शीशे टूट गए हैं. यह बात शुक्रवार रात 12:30 बजे की है. अमृतसर के खंडवाला इलाके में यह ग्रेनेड अटैक हुआ. बाइक पर सवार दो युवकों ने ठाकुर की ओर से मंदिर के बाहर ग्रेनेड से हमला किया. इसमें किसी तरह के नुकसान होने की संभावना नहीं है. पुलिस ने हमले को छुपाने के लिए रात को ही ग्रीन पर्दा से ढक दिया व सफाई करवा दी. ग्रेनेड  हमले से मंदिर की पहली मंजिल की दीवार, दरवाजे और शीशे टूट गए.

पुजारी ने पूरे मामले पर रखी बात

ठाकुर द्वारा मंदिर के पुजारी मुरारी लाल शर्मा का कहना है कि रात को वह सो रहे थे. तभी एकाएक धमाके की आवाज सुनाई देते हैं. वह भी आवाज को सुनकर जाग जाते हैं. बताया गया कि धमाके से मंदिर की खिड़कियां और दरवाजे तक टूट गए. घटना स्थल पर पहुंचे महामंडलेश्वर अश्नील जी महाराज के अनुसार, आतंकियों की ओर से ग्रेनेड हमले थम नहीं रहे हैं. उन्होंने प्रदेश में बिगड़ रही कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की.

सीसीटीवी फुटेज सामने आई

इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आई है. यहां पर दो अज्ञात शख्स मोटर साइकिल पर ठाकुरद्वारा मंदिर के करीब आते हैं. इसके कुछ देर बार उनमें से एक ने मंदिर ही ओर विस्फोटक सामग्री उछाल दी. इसके बाद वे मौके से फरार हो जाते हैं. अमृतसर के पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि मंदिर के पुजारी ने पुलिस को रात करीब 2 बजे घटना की सूचना प्राप्त हुई. इस दौरान अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए. चार माह पहले भी अमृतसर और गुरदासपुर में पुलिस चौकिंयों को निशाना बनाया गया था. यहां पर भी धमाके की घटनाएं सामने आईं.

साभार : न्यूजनेशन

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।