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वक्फ संशोधन बिल के विरोध में दक्षिण 24 परगना में भड़की हिंसा, पुलिस की गाड़ियाँ फूंकी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में सोमवार (14 अप्रैल 2025) को वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ एक बार फिर हिंसा भड़की है. दक्षिण 24 परगणा के भांगड़ में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों में आग लगाने के साथ-साथ जमकर तोड़फोड़ किया. इस इलाके में भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.

दक्षिण 24 परगना में पुलिस ने किया लाठीचार्ज

पश्चिम बंगाल में बीते कुछ दिनों से वक्फ कानून के विरोध में हो रहा हिंसा थमने का नाम नहीं ले रहा है. पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में सोमवार को इससे पहले ISF विधायक नौशाद सिद्दीकी वक्फ कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे, जिसमें शामिल होने के लिए प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोका. इसके बाद प्रदर्शनकारी उग्र हो गए थे और बैरमपुर में सड़क पर जाम लगा दिया था, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया था.

‘पूरा गांव जला दिया गया’

मुर्शिदाबाद हिंसा पर पश्चिम बंगाल के सीपीआई (एम) राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने कहा, “काफी मशक्कत के बाद मैं उस जगह पर पहुंच पाया, जहां सारी हिंसा हुई और लोग मारे गए. वहां पुलिस मौजूद नहीं थी. गांव वालों के बार-बार अनुरोध के बावजूद पुलिस ने दंगाइयों को उत्पात मचाने दिया. पूरा गांव जला दिया गया, तबाह कर दिया गया, लूट लिया गया और वहां कोई पुलिस या दमकल की गाड़ी नहीं थी.”

TMC ने सुकांत मजूमदार पर लगाया दंगा भड़काने का आरोप

पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने सोमवार को मालदा के एक स्कूल में स्थापित राहत शिविर का दौरा किया, जहां वक्फ संशोधन कानून के विरोध में कथित हमलों के बाद मुर्शिदाबाद के कई हिंदू परिवारों ने शरण ली है. मजूमदार ने विस्थापित परिवारों से मुलाकात की और बाद में प्रभावित लोगों की सहायता के लिए स्थापित एक विशेष नियंत्रण रूम का दौरा किया. तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य साकेत गोखले ने केंद्रीय मंत्री और बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सुकांत पर पश्चिम बंगाल में दंगे भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया.

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साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।