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भारत में नेपाल से घुसपैठ की कोशिश कर रही एक ब्रिटिश महिला और एक पाकिस्तानी पुरुष को किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read
लखनऊ. भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की चौकसी के बावजूद अवैध गतिविधियां रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के रूपईडीहा बॉर्डर पर एक बार फिर बिना वीजा और पासपोर्ट के 2 विदेशी नागरिक पकड़े गए हैं. संयुक्त टीम ने नेपाल के रास्ते भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने की कोशिश कर रहे दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है. इनमें एक ब्रिटिश महिला और एक पाकिस्तानी मूल का ब्रिटिश पुरुष शामिल है.
गिरफ्तार संदिग्धों की पहचान 61 वर्षीय सुषमा कार्लिन ओलिविया और 35 वर्षीय हसन अमान सलीम के रूप में हुई है. सुषमा मूल रूप से ओडिशा की बताई जा रही हैं, जिनके पास ब्रिटिश पासपोर्ट और ओसीआई कार्ड मिला है. उनका पता 25 हीर्चकॉम्ब ड्राइव, ग्लॉस्टर (यूके) दर्ज है. वहीं हसन अमान सलीम पाकिस्तानी मूल के हैं और उनका पता 1ए डलमॉर्टन रोड, मैनचेस्टर (यूके) बताया जा रहा है.

संदिग्ध तरीके से पार कर रहे थे सीमा पार

42वीं वाहिनी एसएसबी के कमांडेंट गंगा सिंह उदावल ने फोन पर बताया कि दोनों शनिवार सुबह करीब 10 बजे नेपाल सीमा से संदिग्ध तरीके से भारत में प्रवेश कर रहे थे. इसी दौरान एसएसबी की 42वीं वाहिनी के जवानों ने रूपईडीहा बॉर्डर पर उन्हें रोककर पूछताछ की. संदिग्ध गतिविधि दिखने पर रूपईडीहा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को चेकपोस्ट पर ही हिरासत में ले लिया.

3 बार पाकिस्तान जा चुका है हसन अमान सलीम

गंगा सिंह उदावल ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपी अपने भारत प्रवेश को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके. इसके बाद, उनके खिलाफ पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 14ए के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे भारत में किस उद्देश्य से प्रवेश कर रहे थे. अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि हसन अमान सलीम पिछले तीन साल में तीन बार पाकिस्तान की यात्रा कर चुका है, जिससे उसकी गतिविधियाँ और भी संदिग्ध मानी जा रही हैं. पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों के मूवमेंट, संपर्क और यात्रा इतिहास की गहन जांच कर रही है.
साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।