शनिवार, सितंबर 19 2026 | 03:22:03 PM

आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा ने ली गुरदासपुर में हुए धमाके की जिम्मेदारी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

चंडीगढ़. पंजाब के गुरदासपुर में बीती रात हुए धमाके की जिम्मेदारी बब्बर खालसा इंटरनेशनल के आतंकी हैप्पी पासियां व उसके साथी शेरा मान ने ली है. उनकी तरफ से सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की गई है, जिसमें लिखा है, ‘आज गांव रायमल में जतिंदर पुलिस वाले के घर पर ग्रेनेड हमला हुआ है, उसकी जिम्मेदारी मैं, हैप्पी पासियां व भाई शेरा मान लेते हैं. दो महीने पहले इसने कुछ पुलिसकर्मियों के साथ मेरे घर जाकर मेरे परिवार के साथ बदसलूकी की और जबरदस्ती कैमरों का डीवीआर उतार लिया. पहले भी इसने रमदास इलाके में और भी परिवारों के साथ गलत किया, जो ना हमने पहले बर्दाश्त किया और ना ही अब करेंगे.’

उसने आगे लिखा, ‘जिस भी पुलिसकर्मी या पुलिस अधिकारी को ये सब करने का शौक है, वो एक बार अपने परिवार की तरफ देखकर ये शौक पैदा करे. हमारी तरफ से ईंट का जवाब पत्थर के साथ दिया जाएगा और जैसे पुलिस फेक एनकाउंटर करने से नहीं हट रही और नाजायज परिवारों को तंग करने से नहीं हट रही, बहुत जल्दी जवाब एक बहुत बड़ा एक्शन करके दिया जाएगा, जिसमें पुलिस अधिकारी टारगेट होंगे. वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह.’

विस्फोट से फैल गई दहशत

दरअसल, पंजाब के बटाला के रायमल गांव में सोमवार शाम को एक कम तीव्रता वाला विस्फोट हुआ, जिससे इलाके में दहशत फैल गई. मामले से परिचित पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एक घर के पास तेज आवाज सुनी गई, जो एक पुलिसकर्मी के रिश्तेदार का बताया जा रहा है. विस्फोट से घर के बाहर का फर्श क्षतिग्रस्त हो गई और खिड़की का शीशा टूट गया. घटना में कोई घायल नहीं हुआ. अधिकारियों ने बताया कि आगे की जांच जारी है.

लगातार पुलिस चौकियों को बनाया जा रहा निशाना

पिछले तीन महीनों में अमृतसर और गुरदासपुर में पुलिस चौकियों को निशाना बनाकर कई विस्फोट किए गए हैं. दिसंबर में उत्तर प्रदेश पुलिस और पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम ने पीलीभीत (यूपी) के पूरनपुर इलाके में मुठभेड़ के दौरान खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) के तीन आतंकवादियों को मार गिराया था. संदिग्ध खालिस्तानी आतंकवादी कथित तौर पर गुरदासपुर में ग्रेनेड हमले में शामिल थे.

- Advertisement -

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।