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इजरायल ने फिलहाल रफा क्रॉसिंग खोलने से किया इनकार, नेतन्याहू हमास के सहयोग के आधार पर लेंगे फैसला

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यरुशलम. मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं. शनिवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ऐलान किया कि मिस्र और गाजा के बीच रफा बॉर्डर क्रॉसिंग फिलहाल बंद ही रहेगी, और इसके खुलने पर निर्णय केवल हमास के रवैये पर निर्भर करेगा. यह बयान उस समय आया जब कुछ घंटे पहले ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और काहिरा स्थित फिलिस्तीनी दूतावास ने घोषणा की थी कि रफा बॉर्डर सोमवार को दोबारा खोला जाएगा. WHO के अनुसार, इससे गाजा में फंसे नागरिकों और सहायता एजेंसियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद थी.

हमास वापस करें मृत बंधकों की बॉडी

हालांकि, नेतन्याहू के दफ्तर ने साफ किया कि सीमा तभी खोली जाएगी जब हमास अपने हिस्से का समझौता पूरा करेगा, मृत बंधकों के शव लौटाएगा और हालिया शांति समझौते के तहत किए गए प्रावधानों का पालन करेगा.

सीमा खुलने से क्या होगा?

यह घटनाक्रम अमेरिका की मध्यस्थता से हुए इजरायल-हमास युद्धविराम और बंधक समझौते के एक हफ्ते बाद सामने आया है. गौरतलब है कि रफा क्रॉसिंग मई 2024 से बंद है. यह सीमा चौकी गाजा को मिस्र से जोड़ती है और इसके खुलने से मिस्र में फंसे फिलिस्तीनी नागरिक अपने घर लौट सकते हैं.

कुछ दिनों के लिए खोला गया था बॉर्डर

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मई 2024 में इजराइली सेना ने गाजा की तरफ का हिस्सा अपने नियंत्रण में लेने के बाद यह मार्ग बंद कर दिया था. हालांकि 2025 की शुरुआत में कुछ दिनों के लिए युद्धविराम के दौरान इसे खोला गया था.

रफा मिस्त्र से जुड़ती है

गाजा पट्टी के कुल पांच सीमा प्वाइंट हैं, लेकिन उनमें से चार इजरायल से जुड़ते हैं, जबकि रफा ही एकमात्र क्रॉसिंग है जो किसी अन्य देश मिस्र से जुड़ी है. एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, रफा बॉर्डर गाजा की जीवनरेखा मानी जाती है, जहां से भोजन, दवाएं और मानवीय सहायता पहुंचती है. यह वह एकमात्र रास्ता था जो युद्ध से पहले तक इजरायल के नियंत्रण में नहीं था.

टॉम फ्लेचर करेंगे दौरा

संयुक्त राष्ट्र के राहत प्रमुख टॉम फ्लेचर ने गुरुवार को कहा था कि वे रफा सीमा का दौरा करेंगे और उम्मीद है कि यह मार्ग जल्द ही ट्रकों से भरा होगा, जो शांति समझौते के बाद मानवीय राहत लेकर गाजा जाएंगे.

साभार : न्यूजनेशन

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