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महाकुंभ से लौटते समय पप्पू यादव की भांजी की सड़क हादसे में मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. पूर्णिया से लोकसभा सांसद पप्पू यादव के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ स्नान कर लौटते समय उनकी भांजी डॉ. सोनी यादव की एक सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई. यह हादसा 20 फरवरी की रात यूपी के गाजीपुर जिले के बिरनो थाना क्षेत्र में हुआ, जिसमें चार लोगों की जान चली गई. हादसे की सूचना मिलते ही पप्पू यादव गहरे सदमे में चले गए और परिजनों को सांत्वना देते समय खुद भी फफक-फफक कर रो पड़े.

हाईवे पर खड़े ट्रेलर से टकराई कार

जानकारी के मुताबिक, हादसा उस वक्त हुआ जब महाकुंभ स्नान के बाद सभी लोग कार से वापस लौट रहे थे. कार वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन हाईवे पर खड़े एक गिट्टी लदे ट्रेलर से जा टकराई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. इस हादसे में पप्पू यादव की भांजी डॉ. सोनी यादव के अलावा उनकी बुआ गायत्री देवी, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव विपिन मंडल और ड्राइवर सलाउद्दीन की भी मौत हो गई.

ड्राइवर को झपकी आने से हुआ हादसा

स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, हादसे का मुख्य कारण ड्राइवर को झपकी आना बताया जा रहा है. ड्राइवर सलाउद्दीन को झपकी लगने के बाद कार में सवार दीपक झा ने गाड़ी चलानी शुरू की थी, लेकिन नियंत्रण खो बैठा और कार ट्रेलर में जा घुसी. हादसे में दीपक झा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

पप्पू यादव ने जताया दुख

अपनी भांजी की असामयिक मृत्यु से दुखी पप्पू यादव ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “मेरे चचेरे बहनोई श्री दुर्गा यादव जी की बेटी और मेरी चचेरी भांजी डॉ. सोनी यादव का असमय निधन हमारे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है. एक होनहार, संवेदनशील और कर्मठ बेटी इतनी जल्दी दुनिया छोड़ जाएगी, यह सोचना भी मुश्किल है.”

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साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।