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खराब सेहत के कारण दिल्ली में राहुल गांधी की दूसरी रैली भी निरस्त

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नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार युद्ध चरम पर पहुंचने की ओर है लेकिन कांग्रेस के लिए बुरी खबर है। राहुल गांधी कुछ दिनों से अस्वस्थ हैं, इस वजह से दिल्ली की अपनी दो रैलियों में नहीं जा पाए हैं। पहले बुधवार को नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में अपनी प्रस्तावित रैली में वह नहीं पहुंच पाए और अब गुरुवार को मुस्तफाबाद की रैली में भी वह नहीं पहुंचे। सदर बाजार वाली रैली में दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बताया था कि राहुल गांधी बीमार हैं, इसलिए वह रैली में नहीं आ पाए।

अबतक 3 रैलियों में शामिल नहीं हो पाए राहुल गांधी

राहुल गांधी बीमार होने की वजह से अबतक 3 रैलियों में हिस्सा नहीं ले पाएं हैं। इनमें से दो तो दिल्ली की रैलियां हैं और एक रैली कर्नाटक की है। 21 जनवरी को उन्हें बेलगावी में कांग्रेस की ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान रैली’ थी, लेकिन वह शामिल नहीं हो पाए।

कांग्रेस नेता ने बताया- डॉक्टरों ने राहुल को दी है आराम की सलाह

गुरुवार को दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि राहुल गांधी बीमार होने की वजह से आज की रैली में भी शामिल नहीं हो पाएंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ पवन खेड़ा भी मौजूद थे। यादव ने बताया कि डॉक्टरों ने राहुल गांधी को आराम की सलाह दी है, इस वजह से वह सदर बाजार की रैली में शामिल नहीं हो पाए थे। खराब सेहत की वजह से और डॉक्टरों की सलाह के बाद वह मुस्तफाबाद की रैली में भी शामिल नहीं हो पाएंगे।

राहुल गांधी का बीमार पड़ना कहीं कांग्रेस को भारी न पड़ जाए

राहुल गांधी का ऐसे वक्त में बीमार होना जब दिल्ली में चुनाव प्रचार चरम पर है, कांग्रेस को महंगा पड़ सकता है। कांग्रेस दिल्ली के पिछले दो विधानसभा चुनाव में कांग्रेस खाता तक नहीं खोल पाई है। पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा था लेकिन ये गठबंधन को सभी 7 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। विधानसभा चुनाव से पहले भी दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन का शिगूफा उठा था लेकिन बात नहीं बन पाई।

कांग्रेस कमजोर हुई तो AAP को फायदा!

आम आदमी पार्टी के वजूद में आने के बाद कांग्रेस को पहले दिल्ली और बाद में पंजाब की सत्ता से भी हाथ धोना पड़ा था। अरविंद केजरीवाल के सीएम बनने से पहले कांग्रेस की शीला दीक्षित लगातार 15 वर्षों तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही थीं। इस बार के चुनाव में कांग्रेस दिल्ली में अपनी खोई राजनीतिक जमीन को वापस पाने के लिए पूरा जोर लगा रही है। पार्टी AAP और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ काफी आक्रामक है। दिल्ली में राहुल गांधी की कई रैलियां और रोडशो का प्लान बनाया गया है। लेकिन गांधी चुनाव के बीच गांधी के बीमार होने से उसे झटका लग सकता है। दिल्ली में कांग्रेस अगर मजबूत हुई तो वह सीधे-सीधे आम आदमी पार्टी को ही चोट पहुंचाएगी। लेकिन अगर कांग्रेस कमजोर होती है तो उसका सीधा फायदा आम आदमी पार्टी को मिल सकता है।

साभार : नवभारत टाइम्स

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