मुंबई. विमानन नियामक डीजीसीए ने कहा कि इंडिगो तुर्किये से लीज पर लिए गए पांच नैरो बॉडी विमानों का संचालन मार्च 2026 तक ही कर सकेगी। इसके बाद इन विमानों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जाएगी और किसी तरह का अतिरिक्त विस्तार नहीं मिलेगा।
डीजीसीए ने यह स्पष्टीकरण सोमवार को उन अटकलों के बीच दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि इंडिगो को तुर्किये से लीज पर लिए गए विमानों को संचालित करने के लिए और समय दिया गया है। नियामक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इंडिगो को तुर्किये से वेट लीज पर लिए गए विमानों के संचालन की अनुमति मार्च 2026 तक अंतिम विस्तार के रूप में दी गई है। इस मंजूरी में स्पष्ट रूप से ‘सनसेट क्लॉज’ जोड़ा गया है, जिसके तहत इसके बाद कोई और विस्तार नहीं होगा।
अधिकारी के मुताबिक, यह फैसला इंडिगो की ओर से दिए गए उस आश्वासन के आधार पर लिया गया है, जिसमें एयरलाइन ने बताया था कि उसके लंबी दूरी के विमान ए321-एक्सएलआर फरवरी 2026 तक मिलने हैं और इसलिए उसने अंतिम बार विस्तार की मांग की थी।
डीजीसीए के मुताबिक, तुर्किये की कोरेंडन एयरलाइंस से लीज पर लिए गए पांच बोइंग 737 विमानों की अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो जाएगी। फिलहाल इंडिगो वेट और डैम्प लीज के आधार पर कुल 15 विदेशी विमानों का संचालन कर रही है, जिनमें से सात विमान तुर्किये से लिए गए हैं।
इससे पहले अगस्त में डीजीसीए ने कुछ शर्तों के साथ इंडिगो को टर्किश एयरलाइंस से लीज पर लिए गए दो बोइंग 777 विमानों के संचालन के लिए फरवरी 2026 तक छह महीने का विस्तार दिया था। यह फैसला मई में दिए गए उस आदेश के कुछ ही महीनों बाद आया था, जब डीजीसीए ने इंडिगो को 31 अगस्त तक तीन महीने का अंतिम विस्तार देते हुए आगे किसी भी तरह का विस्तार न मांगने को कहा था।
यह पूरा मामला उस पृष्ठभूमि में सामने आया था, जब तुर्किये ने पाकिस्तान का समर्थन किया था और मई में पड़ोसी देश में आतंकी ठिकानों पर भारत की कार्रवाई की आलोचना की थी। स्पाइसजेट भी वेट और डैम्प लीज पर लिए गए 17 विदेशी विमानों का संचालन कर रही है।
साभार : अमर उजाला
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