शनिवार, सितंबर 19 2026 | 08:02:55 PM

सांसदों की सैलरी में 24 प्रतिशत बढ़ोतरी, पूर्व सांसदों की पेंशन भी बढ़कर 31000 हुई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

नई दिल्ली. सरकार ने सांसदों की सैलरी में 24% का इजाफा कर दिया है। सोमवार को संसदीय कार्य मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना जारी की। इसके मुताबिक मौजूदा सांसदों को अब 1.24 लाख रुपए प्रति माह मिलेगा। पहले उन्हें 1 लाख रुपए प्रति माह मिलते थे। यह बढ़ोतरी कॉस्ट इन्फ्लेशन इंडेक्स (लागत मुद्रास्फीति सूचकांक) के आधार पर की गई है। बढ़ी हुई सैलरी 1 अप्रैल 2023 से लागू होगी। इससे पहले मोदी सरकार ने 2018 में सांसदों के वेतन और भत्तों की हर पांच साल में समीक्षा का नियम बनाया था। यह समीक्षा महंगाई दर पर आधारित होती है।

डेली अलाउंस और पेंशन भी बढ़ाई गई

डेली अलाउंस और पेंशन भी बढ़ाई गई है। डेली अलाउंस 2 हजार रुपए से बढ़ाकर 2,500 कर दिया गया है। पूर्व सांसदों की पेंशन 25 हजार रुपए से प्रति माह से बढ़ाकर 31 हजार रुपए प्रति माह कर दी गई है। पांच साल से ज्यादा समय तक सांसद रहे सदस्यों को हर साल के लिए मिलने वाली एक्स्ट्रा पेंशन भी 2 हजार रुपए प्रति माह से बढ़ाकर 2,500 रुपए प्रति माह कर दी गई है।

सांसदों को ये सुविधाएं भी मिलती हैं…

  • 34 हवाई यात्राएं, फर्स्ट एसी में सीट:प्रत्येक सांसद एक साल में 34 फ्री हवाई यात्राएं कर सकता है। सांसद चाहे तो 8 यात्राओं को अपने सहयोगियों या स्टाफ को ट्रांसफर कर सकते हैं। उन्हें भारतीय रेलवे की सभी क्लास में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है। यह सुविधा संसद सत्र के दौरान और बाद भी मिलती है। सड़क यात्रा के लिए ₹16 प्रति किमी तक का भत्ता दिया जाता है। यह तब लागू होता है जब सांसद किसी आधिकारिक कार्य के लिए सड़क से यात्रा करते हैं और हवाई या रेल यात्रा संभव नहीं होती। संसद सत्र के दौरान सांसदों को दिल्ली में परिवहन सुविधा प्रदान की जाती है। रिटायर्ड सांसदों को भी कुछ हद तक रेल और हवाई यात्रा पर रियायत मिलती है।
  • 50 हजार यूनिट फ्री बिजली:इसके अलावा दिल्ली में मुफ्त सरकारी आवास, सरकारी आवास और ऑफिस के लिए 50,000 यूनिट फ्री बिजली और 4 लाख लीटर मुफ्त पानी की सुविधा छूट मिलती है। लोकसभा सांसदों के लिए 1,50,000 मुफ्त कॉल और राज्यसभा सांसदों के लिए 50,000 मुफ्त कॉल मिलती हैं।
  • सांसदों को मिलने वाली मेडिकल सुविधाएं: सांसदों को सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में सभी मेडिकल सुविधाएं मुफ्त मिलती हैं। सीजीएचएस अस्पतालों में मुफ्त इलाज होता है। अगर किसी बीमारी का इलाज देश में संभव नहीं, तो सरकार विशेष अनुमति के तहत विदेश में इलाज के लिए खर्च दे सकती है। सांसदों को पद छोड़ने के बाद भी CGHS के तहत मेडिकल सुविधा मिलती रहती है। पूर्व सांसदों को और उनके जीवनसाथी को भी मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है।
  • सांसदों को सरकारी गाड़ी, रिसर्च और स्टाफ असिस्टेंट की सुविधा और संसद की कैंटीन में सब्सिडी वाली दरों पर भोजन भी मिलता है।

साभार : दैनिक भास्कर

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

- Advertisement -

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।