शनिवार, सितंबर 19 2026 | 11:08:47 PM

राहुल गांधी को सावरकर मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने VD सावरकर टिप्पणी मामले में राहुल गांधी को फटकार लगाई है। राहुल गांधी की टिप्पणी को ‘गैरजिम्मेदाराना’ बताया। सुप्रीम कोर्ट ने सावरकर के खिलाफ कथित टिप्पणी के लिए मानहानि मामले में राहुल गांधी को जारी समन को रद करने से इनकार करने वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी।

सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी से कहा, उन्होंने हमें आजादी दिलाई और आप उनके साथ ऐसा व्यवहार कर रहे हैं।न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने कांग्रेस नेता को सावरकर के खिलाफ आगे कोई अपमानजनक टिप्पणी न करने की चेतावनी दी और कहा कि महाराष्ट्र में उनकी ‘पूजा’ की जाती है। कोर्ट ने आगे कहा, इस तरह की टिप्पणी करना जारी रखते हैं तो उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे।

क्या बोला सुप्रीम कोर्ट?

  • हम स्वतंत्रता सेनानियों के खिलाफ बयानों की इजाजत नहीं देंगे।
  • इस बार सावरकर हैं अगली बार कोई कहेगा कि महात्मा गांधी अंग्रेजों के नौकर थे।
  • अगली बार ऐसी बयानबाजी की तो स्वत: संज्ञान लेंगे।

4 अप्रैल को हाई कोर्ट में हुई थी सुनवाई

मालूम हो कि इस मामले में चार अप्रैल को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से झटका लगा था। हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ समन आदेश रद्द करने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अदालत में लंबित सावरकर मानहानि मामले में राहुल गांधी को राहत देने से इनकार कर दिया था

क्या है पूरा मामला?

मानहानि का ये मामला 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी के महाराष्ट्र में दिए गए विवादित बयान से जुड़ा है। जिसमें राहुल गांधी ने सावरकर को ‘अंग्रेजों का नौकर’ बताया था। साथ ही कहा था कि सावरकर ‘अंग्रेजों से पेंशन लेते थे। वकील नृपेंद्र पांडे ने इसको लेकर निकली अदालत के शिकायत दर्ज कराई थी। निचली अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ पहली नजर में आईपीसी 153(A) और 505 के तहत केस मानते हुए राहुल गांधी को समन जारी किया था।

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।