गुरुवार, जनवरी 15 2026 | 12:22:21 PM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / फ्रांस ने राफेल के सबसे खूंखार हथियार हैमर को भारत में बनाने की दी सहमति

फ्रांस ने राफेल के सबसे खूंखार हथियार हैमर को भारत में बनाने की दी सहमति

Follow us on:

पेरिस. आत्मनिर्भर भारत मिशन को मजबूत करने के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और फ्रांस की सफ्रान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस ने हैमर स्मार्ट प्रिसिजन गाइडेड एयर-टू-ग्राउंड हथियार बनाने के लिए एक बड़ा समझौता किया है. यह समझौता 24 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में साइन हुआ. समझौते पर BEL के सीएमडी मनोज जैन और सफ्रान के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट अलेक्ज़ांद्र ज़िग्लर ने हस्ताक्षर किए. इस मौके पर रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार और सफ्रान के सीईओ ओलिवियर एंड्रिएस भी मौजूद थे.

इस साझेदारी में क्या होगा?

  • BEL और Safran भारत में मिलकर एक नई कंपनी बनाएंगे.
  • दोनों कंपनियों की हिस्सेदारी 50-50 होगी.
  • यह कंपनी भारतीय वायुसेना और नौसेना के लिए HAMMER हथियारों का उत्पादन, सप्लाई और देखरेख करेगी.
  • समय के साथ उत्पादन का लगभग 60% हिस्सा भारत में ही तैयार किया जाएगा.

आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा

भारत में हैमर स्मार्ट प्रिसिजन गाइडेड एयर-टू-ग्राउंड हथियार के उत्पादन के लिए बीईएल और सफ्रान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस ने संयुक्त उद्यम सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुरूप मेक-इन-इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देते हुए, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) और सफ्रान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस (एसईडी), फ्रांस ने भारत में हाईली एजाइल मॉड्यूलर म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज (हैमर) स्मार्ट प्रिसिजन गाइडेड एयर-टू-ग्राउंड हथियार के उत्पादन के लिए एक संयुक्त उद्यम सहयोग समझौते (जेवीसीए) पर हस्ताक्षर किए हैं.

इस संयुक्त उद्यम सहयोग समझौते पर बीईएल के सीएमडी मनोज जैन और एसईडी के कार्यकारी उपाध्यक्ष एलेक्जेंडर ज़िग्लर ने 24 नवंबर (सोमवार) को नई दिल्ली में सचिव (रक्षा उत्पादन) संजीव कुमार और सफ्रान के सीईओ ओलिवियर एंड्रीज की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए.

बीईएल और एसईडी के बीच समझौता

यह समझौता 11 फरवरी को एयरो इंडिया के दौरान बीईएल और एसईडी के बीच समझौता ज्ञापन में व्यक्त इरादे को औपचारिक रूप देता है, और भारत में एक संभावित संयुक्त उद्यम कंपनी (जेवीसी) स्थापित करने की दोनों पक्षों की इच्छा की पुष्टि करता है. यह जेवीसी 50:50 शेयरधारिता वाली एक निजी लिमिटेड कंपनी के रूप में गठित की जाएगी. यह भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना की परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हैमर के निर्माण, आपूर्ति और रखरखाव का स्थानीयकरण करेगी.

60 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा स्वदेशीकरण

स्वदेशीकरण का स्तर धीरे-धीरे बढ़कर 60 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा, जिसमें प्रमुख उप-असेंबली, इलेक्ट्रॉनिक्स और यांत्रिक पुर्जे स्थानीय स्तर पर निर्मित किए जाएंगे. उत्पादन का हस्तांतरण चरणबद्ध तरीके से होगा, जिसमें बीईएल अंतिम असेंबली, परीक्षण और गुणवत्ता आश्वासन का नेतृत्व करेगा.

हैमर एक युद्ध-सिद्ध, सटीक-निर्देशित हथियार प्रणाली है जो अपनी उच्च सटीकता और मॉड्यूलर डिज़ाइन के लिए जानी जाती है, जिससे यह राफेल और हल्के लड़ाकू विमान तेजस सहित कई प्लेटफार्मों के लिए अनुकूल है. यह संयुक्त उद्यम करार भारत के रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत करने के लिए बीईएल की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है और इसका उद्देश्य स्मार्ट परिशुद्धता निर्देशित हवा से जमीन पर मार करने वाले हथियार के निर्माण में एसईडी के व्यापक अनुभव का लाभ उठाना है.

भारतीय रक्षा उद्योग को बड़ी मजबूती

BEL और Safran का यह समझौता भारत में आधुनिक हथियारों के स्वदेशी उत्पादन की दिशा में एक बड़ा कदम है.

HAMMER हथियार क्या है?

HAMMER एक स्मार्ट एयर-टू-ग्राउंड हथियार है जो बहुत सटीक, लंबी दूरी मार करने वाला और कई तरह के विमानों पर लगाने लायक है. यह हथियार रफाल और LCA तेजस जैसे लड़ाकू विमानों पर लगाया जा सकता है.

भारत को क्या फायदा होगा?

  • उन्नत हथियार तकनीक देश में ही बनेगी.
  • विदेशी निर्भरता कम होगी.
  • BEL उत्पादन, टेस्टिंग और क्वालिटी कंट्रोल में मुख्य भूमिका निभाएगा.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

थाईलैंड हादसा: चलती ट्रेन पर क्रेन गिरने से 22 की मौत, जानें कैसे हुआ यह भीषण हादसा

बैंकाक. थाईलैंड के मध्य क्षेत्र में एक निर्माण स्थल पर एक विशाल क्रेन के चलती …