नई दिल्ली. भारत जल्द ही करीब 450 मिलियन डॉलर के रक्षा समझौते को अंतिम रूप देने वाला है। इस समझौते के तहत भारत ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की सप्लाई करेगा। यह वही मिसाइल है जिसका इस्तेमाल मई में 4 दिवसीय संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी हवाई अड्डों पर हमला करने के लिए किया गया था। इन हमलों के बाद ही पाकिस्तान ने युद्धविराम की मांग की थी। रक्षा सूत्रों ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, ‘यह सौदे जल्द ही हस्ताक्षरित होने की उम्मीद है और फिलहाल अंतिम चरण में हैं। इसके बाद कई और समझौते होने की संभावना है क्योंकि दुनिया भर के कई देशों को इन मिसाइलों में काफी दिलचस्पी है।’
अधिकारियों के अनुसार, ‘मित्र देशों ने मिसाइल के प्रदर्शन से बहुत प्रभावित हैं।’ उन्होंने पाकिस्तान के हवाई अड्डों पर मिसाइल के सटीक हमलों का जिक्र किया, जिससे ऑपरेशन सिंदूर के बाद कई सुविधाएं दिनों तक इस्तेमाल के लायक नहीं रहीं। ऑपरेशन सिंदूर 7 मई को शुरू हुआ था। यह 22 अप्रैल को हुए पुलवामा आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया था। ब्रह्मोस का यह पहला युद्ध में इस्तेमाल था। भारत और रूस की ओर से संयुक्त रूप से निर्मित यह मिसाइल हाल ही में दुबई एयर शो में भी प्रदर्शित की गई थी, जहां संभावित खरीदारों ने इसमें काफी रुचि दिखाई।
सीमा पर झड़पों के तुरंत बाद, रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के लिए ब्रह्मोस मिसाइलों के एक बड़े ऑर्डर को मंजूरी दी थी। साथ ही भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए जमीन और हवा से लॉन्च होने वाले वेरिएंट भी मंजूर किए गए। नौसेना की योजना इस मिसाइल को अपनी वीर-श्रेणी के युद्धपोतों पर तैनात करने की है। वहीं, भारतीय वायु सेना इसे अपने रूसी मूल के सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों के बेड़े में शामिल करेगी।
साभार : नवभारत टाइम्स
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