रविवार, सितंबर 20 2026 | 12:16:25 AM

भारतीय नौसेना ने अरब सागर में एंटी-शिप मिसाइल का किया सफल परीक्षण

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान की हवाइयां उड़ा रखी हैं। एक और भारतीय सेना जमीनी स्तर पर युद्धाभ्यास कर रही है। अब भारतीय नौसेना भी अरब सागर में अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रही है, जिसे देखकर दुश्मनों थर-थर कांप उठेगा। जी हां, अरब सागर में भारतीय नौसेना के युद्धपोत एंटी-शिप मिसाइलों का परीक्षण कर रहे हैं। नौसेना की ओर से एक पोस्ट डालकर अरब सागर में परीक्षण के वीडियो दिखाए गए।

बयान जारी किया गया कि किसी भी समय, कहीं भी, किसी भी तरह से राष्ट्र के समुद्री हितों की रक्षा करने के लिए तैयार हैं। विश्वसनीय और भविष्य के लिए तैयार हैं। भारतीय नौसेना के जहाजों ने लंबी दूरी के सटीक आक्रामक हमले के लिए प्लेटफॉर्म, सिस्टम और क्रू मेंबर्स क्रू की लॉन्ग रेंज ऑफेंसिव स्ट्राइक (लंबी दूरी पर अटैक) की क्षमता और तैयारी को री-वेलिडेट किया, ताकि किसी भी समय, कहीं भी जरूरत पड़े तो किसी से भी मुकाबला किया जा सके।

पाकिस्तान भी कर चुका मिसाइल परीक्षण

नौसेना सूत्रों के मुताबिक, अरब सागर में आज INS विक्रांत से राफेल उड़ान भरेगा। सभी मार्कोज कमांडो को आज ऑनलाइन नेवी कमांड से जुड़ने के लिए कहा गया है। बता दें कि भारतीय सेना ने अरब सागर में अपने समुद्री एरिया में ताकत का प्रदर्शन तब किया, जब पाकिस्तान ने मिसाइल परीक्षण के लिए अरब सागर में अपने समुद्री एरिया में नो फ्लाई जोन घोषित किया।

पहलगाम आतंंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है। भारत ने आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को आक्रामक तेवर दिखाए हैं। पाकिस्तान के खिलाफ कड़े फैसले लिए हैं। प्रधानमंत्री मोदी भी पाकिस्तान को सबक सिखाने और पहलगाम का बदला लेने की बात कह चुके हैं। भारतीय सेना भी एक्शन मोड में है और अब नेवी भी एक्शन में आ गई है।

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साभार : न्यूज24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।