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कनाडा आम चुनाव में बुरी तरह हारी खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह की पार्टी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

टोरंटो. जस्टिन ट्रूडो ने भारत से खूब दुश्मनी निभाई. अपनी सत्ता की लालच में उन्होंने क्या-क्या नहीं किया. कभी भारत पर मनगढ़ंत आरोप तो कभी खालिस्तानियों को सिर पर चढ़ाया. जस्टिन ट्रूडो की वजह से भारत और कनाडा के रिश्तों में तल्खी आ गई. जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानियों के दम पर भारत से पंगा लिया. इसमें खालिस्तानियों के कथित आका जगमीत सिंह ने खूब मदद की. जगमीत सिंह के सपोर्ट पर ही जस्टिन ट्रूडो की सरकार थी. जगमीत सिंह ने सरकार को समर्थन के बदले अपने खालिस्तानी एजेंडो को पाला-पोसा. पर कनाडा की जनता की नजर से उसकी चालाकी नहीं बच पाई. कनाडा के आम चुनाव में खालिस्तानियों के यार का हिसाब हो गया.

जी हां, कनाडा की जनता ने जस्टिन ट्रूडो के खालिस्तानी यार जगमीत सिंह को उसकी औकात दिखा दी है. भारत से पंगा लेने का हश्र अब पूरी दुनिया देख रही है. कनाडा में जगमीत सिंह को करारा झटका लगा है. कनाडा चुनाव में जगमीत सिंह की पार्टी एनडीपी यानी न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी की करारी हार हुई है. जगमीत सिंह तो अपनी सीट भी बचाने में नाकामयाब रहा. कनाडा में हुए चुनाव में एनडीपी का बुरा प्रदर्शन दिखा. नौबत यह आ गई कि एनडीपी का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा भी छिन गया. नेशनल स्टेटस के लिए 12 सीटों की जरूरत थी, मगर एनडीपी 12 सीटें भी नहीं जीत पाई.

कनाडा में जगमीत को डबल झटका

कनाडा में मिली बड़ी हार के बाद न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के चीफ जगमीत सिंह ने पार्टी नेतृत्व से अपना इस्तीफा दे दिया है. जगमीत सिंह ने अपनी हार स्वीकार कर ली है. पिछले चुनाव में जगमीत सिंह की एनडीपी ने 24 सीटें जीती थीं. इस जीत के बाद जगमीद की एनडीपी ने जस्टिन ट्रुडो सरकार को समर्थन दिया था. इसके बाद जगमीत सिंह ने खालिस्तान समर्थक एजेंडे को खूब चालाया. अपनी सरकार बचाने के लिए जस्टिन ट्रूडो भी हां में हां करते रहे. हालांकि, बाद में जगमीत सिंह ने ट्रूडो से समर्थन वापस ले लिया था.

जगमीत ने आग में घी डाला

भारत विरोधी ट्रुडो प्रशासन के मुहिम में जगमीत सिंह और उनकी पार्टी NDP ट्रुडो के साथ थी. जगमीत सिंह ने भारत के दुश्मन यानी खालिस्तानियों का खूब साथ दिया. अगर भारत और कनाडा के रिश्ते तल्ख हुए हैं तो कई वजहों में एक वजह खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह भी है. हालांकि, अब कनाडा की जनता ने अपना जनादेश दे दिया है. इस जनादेश के बाद एनडीपी चीफ जगमीत सिंह न घर का रहा और न घाट का. एक तो पार्टी का राष्ट्रीय दर्जा भी चला गया. ऊपर से उसे पार्टी चीफ के पद से इस्तीफा भी देना पड़ गया.

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साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।