लखनऊ. राजधानी के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में सामने आए कथित धर्मांतरण और उत्पीड़न के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले की पीड़िता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी आपबीती सुनाई। मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार
पीड़िता ने मुख्यमंत्री आवास पर जाकर सीएम योगी से भेंट की। मुलाकात के दौरान पीड़िता भावुक हो गई और बताया कि किस तरह उसे डरा-धमकाकर और लालच देकर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। पीड़िता का आरोप है कि संस्थान के ही कुछ लोग इस सिंडिकेट में शामिल हैं, जो छात्र-छात्राओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।
मामले के मुख्य बिंदु:
दबाव और प्रताड़ना: पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे लंबे समय से एक खास धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया जा रहा था। मना करने पर उसे करियर बर्बाद करने की धमकी दी गई।
संस्थान की भूमिका: शिकायत में KGMU के कुछ कर्मचारियों और बाहरी तत्वों की मिलीभगत की बात सामने आई है।
CM का सख्त रुख: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़िता को ढांढस बंधाया और साफ किया कि उत्तर प्रदेश में ‘जबरन धर्मांतरण’ और ‘ब्लैकमेलिंग’ के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अब तक की कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने पहले ही एफआईआर दर्ज कर ली है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। KGMU प्रशासन ने भी आंतरिक जांच कमेटी गठित कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि परिसर के अंदर इस तरह की गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं।
“प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा और सम्मान से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले की तह तक जाकर दोषियों को ऐसी सजा दी जाएगी जो नजीर बनेगी।” — शासन की ओर से जारी संदेश
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