चंडीगढ़. हरियाणा के रोहतक जिले के महम उपमंडल के गांव भैणी चंद्रपाल में कथित तौर पर धर्मांतरण कराए जाने का मामला गरमा गया है। ग्रामीणों की सूचना के बाद मौके पर हिंदू संगठनों और पुलिस के पहुँचने से गांव में काफी तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, गांव के एक मकान में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि यहाँ आसपास के इलाकों से आए लोगों को इकट्ठा करके बहला-फुसलाकर और प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराया जा रहा था। जब स्थानीय लोगों को इसकी भनक लगी, तो उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया।
ग्रामीणों और हिंदू संगठनों का आरोप
मौके पर पहुँचे ग्रामीणों और हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि:
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काफी समय से इस घर में संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं।
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गरीब और भोले-भले लोगों को निशाना बनाकर उनका धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया जा रहा था।
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बाहर से आए कुछ लोग इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की सूचना मिलते ही महम थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस ने स्थिति को बिगड़ने से बचाया और सभा को रुकवा दिया।
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पुलिस ने मौके से कुछ साहित्य और अन्य सामग्री कब्जे में ली है।
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पूछताछ के लिए कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है।
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गांव में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
अधिकारियों का बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। यदि जबरन धर्मांतरण या कानून के उल्लंघन का कोई सबूत मिलता है, तो संबंधित धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
पुलिस जांच और वर्तमान स्थिति
पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए जांच को आगे बढ़ाया है। अब तक की जांच में निम्नलिखित मुख्य बातें सामने आई हैं:
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पुछताछ जारी: पुलिस ने उस मकान के मालिक और प्रार्थना सभा आयोजित करने वाले मुख्य संचालकों से पूछताछ की है। उनसे सभा के उद्देश्य और वहां मौजूद बाहरी लोगों के बारे में जानकारी मांगी गई है।
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दस्तावेजों की जांच: पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या इस सभा के लिए प्रशासन से कोई पूर्व अनुमति ली गई थी। साथ ही, मौके से बरामद धार्मिक साहित्य की भी समीक्षा की जा रही है।
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बयानों का मिलान: गांव के उन लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं जिन्होंने धर्मांतरण का दावा किया है। पुलिस यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि क्या वास्तव में किसी प्रकार का दबाव या लालच दिया गया था (जो कि हरियाणा धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत अपराध है)।
कानूनी पहलू (हरियाणा विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम)
आपको बता दें कि हरियाणा में ‘हरियाणा विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम’ लागू है। इसके तहत:
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बल, अनुचित प्रभाव, जबरदस्ती, प्रलोभन या किसी भी धोखाधड़ी के माध्यम से किया गया धर्मांतरण संज्ञेय अपराध है।
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यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो इसमें 1 से 5 साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
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यदि कोई अपनी मर्जी से धर्म बदलना चाहता है, तो उसे जिला मजिस्ट्रेट को पूर्व सूचना देना अनिवार्य है।
गांव में वर्तमान स्थिति
फिलहाल भैणी चंद्रपाल गांव में शांति बनी हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर स्थानीय पुलिस की गश्त जारी है। हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे पंचायत बुलाकर कड़ा फैसला लेंगे।
FIR और कानूनी कार्रवाई का विवरण
पुलिस ने प्राथमिक जांच के आधार पर इस मामले में हरियाणा विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम, 2022 (Haryana Prevention of Unlawful Conversion of Religion Act, 2022) के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
संभावित धाराएं जो इस मामले में लगाई जा रही हैं:
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धारा 3 और 4 (हरियाणा धर्मांतरण कानून): किसी भी व्यक्ति को लालच, जबरदस्ती या प्रभाव में लेकर धर्म परिवर्तन कराने के खिलाफ।
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IPC की धारा 295A: जानबूझकर किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और धार्मिक विश्वासों का अपमान करने के लिए।
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IPC की धारा 153A: धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना।
पुलिस जांच के मुख्य बिंदु
पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय के निर्देशों पर गठित टीम इन पहलुओं पर फोकस कर रही है:
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फंडिंग की जांच: क्या इस प्रार्थना सभा और कथित धर्मांतरण गतिविधियों के लिए बाहर से या किसी संस्था से फंडिंग मिल रही थी?
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नेटवर्क की पहचान: क्या यह केवल एक गांव तक सीमित था या आसपास के महम और कलानौर क्षेत्रों में भी ऐसा कोई नेटवर्क सक्रिय है?
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आयोजकों का रिकॉर्ड: मुख्य आयोजक का पिछला रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है कि क्या वह पहले भी इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त रहा है।
प्रशासनिक रुख
महम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गांव में भाईचारा बिगाड़ने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। पुलिस ने मौके से जो मोबाइल फोन और रजिस्टर जब्त किए हैं, उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है ताकि संपर्क विवरण और संदेशों की पुष्टि हो सके।
ग्रामीणों की मांग
गांव के मौजिज व्यक्तियों और हिंदू संगठनों ने पुलिस को 24 से 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है कि वे मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार करें, अन्यथा वे तहसील स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
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