लखनऊ. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि होने के बाद भारत के मुस्लिम समुदाय, विशेषकर उत्तर प्रदेश में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है। रविवार को कानपुर, लखनऊ और संभल सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और अपना विरोध दर्ज कराया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने पूरे राज्य में ‘हाई अलर्ट’ घोषित कर दिया है।
कानपुर: काले लिबास में सड़कों पर उतरा जनसैलाब
कानपुर के विभिन्न इलाकों में रविवार सुबह से ही गमगीन माहौल देखा गया। स्थानीय शिया समुदाय के लोगों ने काले कपड़े पहनकर अपना दुख प्रकट किया।
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जुलूस का मार्ग: विरोध प्रदर्शन की शुरुआत पुराने शहर के प्रमुख इमामबाड़ों से हुई, जो धीरे-धीरे बड़े जुलूस में तब्दील हो गए। प्रदर्शनकारी हाथों में काले झंडे और खामेनेई की तस्वीरें लिए हुए थे।
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ज्ञापन और शांति मार्च: जुलूस के दौरान स्थानीय प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपने की तैयारी भी की गई है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई इस घटना की निंदा की गई।
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सुरक्षा व्यवस्था: कानपुर के चमनगंज, बेकनगंज और कर्नलगंज जैसे संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और PAC तैनात की गई है। ड्रोन कैमरों के जरिए भीड़ की निगरानी की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी दिखा गहरा असर
अयातुल्ला खामेनेई की मौत की खबर का असर केवल कानपुर तक सीमित नहीं रहा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर अवध तक विरोध की लहर देखी गई:
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लखनऊ: नवाबों के शहर लखनऊ में धार्मिक नेताओं ने इस घटना को “एक सदी की सबसे बड़ी त्रासदी” करार दिया है। हुसैनाबाद और पुराने लखनऊ के इलाकों में बाजार बंद रहे।
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संभल और अमरोहा: इन जिलों में शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाले गए और मस्जिदों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं।
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अलीगढ़ और सहारनपुर: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जहाँ छात्रों और स्थानीय निवासियों ने मौन जुलूस निकाला।
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आगरा: ताजनगरी में भी समुदाय विशेष के लोगों ने एकजुट होकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और इस हमले के पीछे की ताकतों के खिलाफ अपना विरोध जताया।
धार्मिक नेताओं की शांति बनाए रखने की अपील
लखनऊ के प्रमुख शिया धर्मगुरुओं और मौलानाओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर लोगों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा:
“यह समय दुख और प्रार्थना का है। हम सभी को शांति बनाए रखनी चाहिए और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। हमारा विरोध शांतिपूर्ण होना चाहिए।”
क्यों उबला है आक्रोश? (पृष्ठभूमि)
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु एक हालिया हमले के दौरान हुई, जिसे ईरान ने अंतरराष्ट्रीय साजिश करार दिया है। खामेनेई पिछले 36 वर्षों से ईरान के सर्वोच्च नेता थे और दुनिया भर के शिया समुदाय के बीच अत्यंत सम्मानित थे। उनकी मौत के बाद ईरान में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है।
प्रशासन की तैयारी
उत्तर प्रदेश के एडीजी (कानून-व्यवस्था) ने सभी जिला कप्तानों को निर्देश दिया है कि वे सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखें। किसी भी भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
Matribhumisamachar


