कानपुर | बुधवार, 01 अप्रैल 2026
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपनी चुनावी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। पार्टी प्रमुख मायावती के ‘मिशन 2027’ को धार देने के उद्देश्य से कानपुर जिला संगठन में महत्वपूर्ण फेरबदल किए गए हैं। जिला अध्यक्ष कुलदीप कुमार एडवोकेट ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि संगठन के प्रति निष्ठा रखने वाले तीन प्रमुख नेताओं को नई और अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
नई नियुक्तियां: सोशल इंजीनियरिंग पर फोकस
पार्टी के मुख्य मंडल प्रभारी के निर्देशन में हुए इस बदलाव में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है।
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सलमान कुरैशी को जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह कदम अल्पसंख्यक समुदाय के बीच पार्टी की पैठ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
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संजय संखवार और जीवनलाल भारती को संयुक्त रूप से जिला कार्यकारिणी सदस्य मनोनीत किया गया है। इन नियुक्तियों के जरिए बसपा अपने पारंपरिक कैडर वोट बैंक को एकजुट करने का प्रयास कर रही है।
“बहन जी (मायावती) के निर्देशानुसार, पार्टी अब केवल रैलियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हम हर घर तक जाकर बसपा शासनकाल की कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की याद दिलाएंगे।” – कुलदीप कुमार एडवोकेट, जिला अध्यक्ष (कानपुर)
मिशन 2027: बूथ जीतो, चुनाव जीतो
जिला अध्यक्ष ने नवनियुक्त पदाधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आगामी कुछ महीने संगठन की मजबूती के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
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उपलब्धियों का प्रचार: पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जनता के बीच जाकर बसपा सरकार की जनहितकारी योजनाओं और वर्तमान सरकार की विफलताओं की तुलनात्मक रिपोर्ट पेश करें।
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कैडर कैंप का आयोजन: जिले की प्रत्येक विधानसभा सीट पर छोटे-छोटे कैडर कैंप लगाए जाएंगे ताकि कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से मजबूत किया जा सके।
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बूथ कमेटियों का पुनर्गठन: कानपुर की सभी सीटों पर ‘भाईचारा कमेटियों’ को सक्रिय करने और बूथ स्तर पर 10-10 युवाओं की टोली बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
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राजनीतिक गलियारों में हलचल
हाल के दिनों में आकाश आनंद की बढ़ती सक्रियता और लखनऊ में हुई उच्च स्तरीय बैठकों के बाद कानपुर में हुआ यह विस्तार दर्शाता है कि बसपा अब ‘वेट एंड वॉच’ की नीति छोड़कर आक्रामक मोड में आ गई है। समाजवादी पार्टी के ‘PDA’ फॉर्मूले के काट के रूप में बसपा अपने पुराने ‘सोशल इंजीनियरिंग’ मॉडल को आधुनिक रूप में पेश कर रही है।
कानपुर में हुए इस सांगठनिक विस्तार से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखा जा रहा है। अब देखना यह होगा कि सलमान कुरैशी और उनकी टीम जमीनी स्तर पर मतदाताओं को कितना प्रभावित कर पाती है।
मुख्य बिंदु:
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बसपा ने कानपुर जिला इकाई में तीन नए पदाधिकारियों की नियुक्तियों की घोषणा की।
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सलमान कुरैशी को जिला उपाध्यक्ष बनाकर मुस्लिम-दलित समीकरण साधने की कोशिश।
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मिशन 2027 के तहत ‘भाईचारा कमेटियों’ और बूथ स्तर पर संगठन विस्तार पर जोर।
Matribhumisamachar


