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बिजनौर: घनुवाला में ‘ईसाई क्रॉस’ और धर्मांतरण के आरोपों पर भारी तनाव, पुलिस तैनात

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में नए साल की शुरुआत के साथ ही धर्मांतरण का मुद्दा गरमा गया है। जनपद के ग्राम फरीदपुर मीरा उर्फ घनुवाला में एक खेत में ईसाई धर्म का ‘क्रॉस’ चिन्ह मिलने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। हिंदू संगठनों ने इसे बड़े पैमाने पर धर्मांतरण की साजिश करार देते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया है।

प्रमुख घटनाक्रम: भूमि विवाद या धर्मांतरण का जाल?

  • क्रॉस का मिलना: 1 और 2 जनवरी 2026 की मध्यरात्रि के बाद ग्रामीणों ने एक विवादित भूमि पर ईसाई धर्म का प्रतीक चिन्ह देखा, जिससे गांव में सांप्रदायिक तनाव फैल गया।

  • पुलिस की कार्रवाई: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है और पूछताछ की जा रही है।

  • ग्रामीणों का आरोप: ग्रामीणों का कहना है कि गरीब परिवारों को धन का लालच देकर और झांसे में लेकर उनका धर्मांतरण कराया जा रहा है। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग की।

पहचान छिपाकर फंसाने के मामले (दिसंबर 2025)

हाल ही में बिजनौर पुलिस ने मोहम्मद फैजान नाम के एक युवक को भी गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि उसने सोशल मीडिया (Instagram) पर अपनी हिंदू पहचान बताकर एक युवती से दोस्ती की और बाद में उस पर निकाह और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया।

प्रशासन का पक्ष

सीओ सिटी संग्राम सिंह के अनुसार, क्रिसमस के दौरान भी कुछ धार्मिक आयोजनों की शिकायत मिली थी। पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया कुछ मामले भूमि विवाद से भी जुड़े हो सकते हैं, लेकिन धर्मांतरण की किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।