रायपुर. छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाला मामले में लंबे समय से जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी राहत मिली है। शुक्रवार (2 जनवरी 2026) को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया।
दो अलग-अलग मामलों में मिली राहत
चैतन्य बघेल के खिलाफ दो प्रमुख जांच एजेंसियों ने मामला दर्ज किया था, और हाई कोर्ट ने उन्हें दोनों ही मामलों में जमानत प्रदान की है:
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प्रवर्तन निदेशालय (ED): मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित मामला।
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एसीबी/ईओडब्ल्यू (ACB/EOW): भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति से संबंधित राज्य की जांच एजेंसी का मामला।
क्या हैं आरोप?
जांच एजेंसियों का दावा है कि 2019 से 2022 के बीच हुए इस कथित शराब घोटाले में चैतन्य बघेल की अहम भूमिका थी।
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ED का आरोप: एजेंसी के अनुसार, चैतन्य बघेल ने घोटाले से मिले करीब 1,000 करोड़ रुपये का प्रबंधन किया और अपराध की कमाई को ‘विट्ठल ग्रीन’ जैसे रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश किया।
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ACB/EOW का दावा: राज्य की एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया था कि चैतन्य को घोटाले की राशि में से करीब 200 से 250 करोड़ रुपये का हिस्सा मिला था।
अब तक की कार्रवाई का घटनाक्रम
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18 जुलाई 2025: ED ने चैतन्य बघेल को भिलाई स्थित उनके निवास से गिरफ्तार किया था।
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सितंबर 2025: जब वे पहले से जेल में थे, तब ACB/EOW ने भी उन्हें अपनी जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया।
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168 दिन बाद राहत: चैतन्य बघेल लगभग 168 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद अब जेल से बाहर आएंगे।
भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया
जमानत की खबर मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे “सत्य की जीत” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया और मीडिया बयानों में कहा कि उनके परिवार को राजनीतिक षड्यंत्र के तहत परेशान किया जा रहा था और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था।
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