शनिवार, सितंबर 19 2026 | 12:21:13 AM

बर्थडे के अगले ही दिन बरेली के भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का निधन; बैठक के दौरान आया हार्ट अटैक

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद के फरीदपुर से भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का शुक्रवार दोपहर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह बरेली सर्किट हाउस में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित एक समीक्षा बैठक में शामिल होने पहुंचे थे। बैठक के दौरान ही उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द और घबराहट की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सर्किट हाउस में बिगड़ी थी तबीयत

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डॉ. श्याम बिहारी लाल सर्किट हाउस में अधिकारियों और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर रहे थे। दोपहर करीब 2:15 बजे अचानक उन्हें पसीना आने लगा और उन्होंने असहजता महसूस की। स्थिति बिगड़ती देख उन्हें तुरंत शहर के ‘मेडिसिटी अस्पताल’ ले जाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखकर बचाने का प्रयास किया और CPR भी दिया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

राजनीतिक करियर और उपलब्धियां

  • दो बार के विधायक: डॉ. श्याम बिहारी लाल फरीदपुर सीट से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए थे।

  • ऐतिहासिक जीत: 2022 के चुनावों में उन्होंने इस सीट पर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर इतिहास रचा था, क्योंकि आजादी के बाद से इस सीट पर कोई भी प्रत्याशी लगातार दो बार नहीं जीता था।

  • शिक्षाविद: राजनीति में आने से पहले वह एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में इतिहास के प्रोफेसर थे। उन्हें उनकी सादगी और विद्वत्ता के लिए जाना जाता था।

कल ही मनाया था 60वां जन्मदिन

विधायक का जन्म 1 जनवरी 1966 को हुआ था। कल ही उन्होंने अपने परिवार और समर्थकों के साथ अपना 60वां जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ मनाया था। जन्मदिन के ठीक अगले दिन उनके आकस्मिक निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके परिवार में पत्नी मंजू लता, एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं।

नेताओं ने व्यक्त किया गहरा शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

“उत्तर प्रदेश के फरीदपुर के विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। वे जनहित में समर्पित भाजपा के एक कर्मठ नेता थे।” — प्रधानमंत्री मोदी (सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे पार्टी और समाज के लिए अपूर्णनीय क्षति बताया है। उनके आवास पर प्रशासनिक अधिकारियों और समर्थकों का तांता लगा हुआ है।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।