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बिलासपुर: रेलवे स्टेशन के पास ट्रॉली बैग में गोमांस के साथ मां-बेटी गिरफ्तार, पुलिस जांच तेज

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बिलासपुर पुलिस द्वारा जब्त किया गया ट्रॉली बैग का सांकेतिक चित्र

रायपुर । शनिवार, 2 मई 2026

छत्तीसगढ़ के न्यायधानी कहे जाने वाले शहर बिलासपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के तोरवा थाना पुलिस ने रेलवे स्टेशन के पास एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं को प्रतिबंधित मांस (गोमांस) के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी रिश्ते में माँ-बेटी बताए जा रहे हैं।

कैसे हुई गिरफ्तारी?

पुलिस को मुखबिर के जरिए पुख्ता सूचना मिली थी कि दो महिलाएं संदिग्ध परिस्थितियों में एक ट्रॉली बैग लेकर रेलवे स्टेशन के पास घूम रही हैं। सूचना मिलते ही तोरवा थाना प्रभारी ने टीम गठित कर इलाके की घेराबंदी की। जब पुलिस ने उन महिलाओं को रोककर उनके बैग की तलाशी ली, तो अंदर का नजारा देख अधिकारी दंग रह गए। ट्रॉली बैग के भीतर पॉलीथिन में लिपटा हुआ लगभग 10 किलो मांस बरामद किया गया।

आरोपियों की पहचान और पूछताछ

पुलिस हिरासत में ली गई महिलाओं की पहचान रेहाना परवीन (47 वर्ष) और उसकी बेटी अलीना खान (20 वर्ष) के रूप में हुई है। शुरुआती पूछताछ में महिलाओं ने बताया कि वे यह मांस रायपुर से लेकर आई थीं और इसे बिलासपुर के किसी इलाके में खपाने की तैयारी थी। हालांकि, पुलिस को अभी इन बयानों पर पूरी तरह भरोसा नहीं है।

जब पुलिस ने उनसे मांस परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज या अनुमति पत्र मांगे, तो वे कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। इसके बाद पुलिस ने तुरंत जब्ती की कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की आगामी रणनीति और जांच

पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

  • नेटवर्क की तलाश: पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि रायपुर में वे किसके संपर्क में थीं और बिलासपुर में यह खेप किसे सौंपी जानी थी।

  • फॉरेंसिक जांच: जब्त किए गए मांस का सैंपल जांच के लिए लैब भेजा गया है ताकि वैज्ञानिक रूप से इसकी पुष्टि हो सके।

  • सतर्कता: घटना के बाद स्थानीय संगठनों के विरोध को देखते हुए शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

सुधार और स्पष्टीकरण (Fact Check)

प्रारंभिक रिपोर्टों में इसे केवल स्थानीय तस्करी माना जा रहा था, लेकिन पुलिस अब इसे एक बड़े अंतर-जिला नेटवर्क से जोड़कर देख रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में संदिग्ध गतिविधियों पर अब ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए पैनी नजर रखी जाएगी ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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