लखनऊ. कानपुर की प्रमुख कृषि मंडियों — चकरपुर गल्ला मंडी और अनाज मंडी — में आज (3 फरवरी 2026) फसलों के भाव में मिला-जुला रुख देखने को मिला। केंद्रीय बजट के बाद बाजार में स्थिरता बनी हुई है, जबकि अरहर और उड़द जैसी कुछ दलहन फसलों में हल्की तेजी दर्ज की गई। व्यापारियों के अनुसार, सामान्य आवक और संतुलित मांग के चलते अधिकांश जिंस सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं।
प्रमुख अनाज: गेहूं-चावल में स्थिरता
कानपुर मंडी में गेहूं के भाव आज स्थिर रहे। अच्छी क्वालिटी के गेहूं में मांग बनी रहने से ऊपरी रेंज कायम है, वहीं चावल में किस्म के अनुसार भाव अलग-अलग दर्ज किए गए।
- गेहूं दड़ा: ₹2600 – ₹2650 प्रति क्विंटल
- गेहूं फार्म (उत्तम क्वालिटी): ₹2800 – ₹2850 प्रति क्विंटल
- चावल (अरवा): ₹2800 – ₹4000 प्रति क्विंटल (किस्म अनुसार)
- जौ / ज्वार: ₹2100 – ₹2350 प्रति क्विंटल
नवीनतम संकेत: बजट के बाद खाद्यान्न क्षेत्र में सपोर्टिव नीतिगत संकेतों और सरकारी खरीद की उम्मीदों से गेहूं-चावल में तेज उतार-चढ़ाव की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है।
दलहन बाजार: अरहर-उड़द में मजबूती
दलहन बाजार में आज मजबूती का रुख देखने को मिला। सीमित आवक, प्रोसेसिंग यूनिट्स की निरंतर मांग और स्टॉकिस्टों की सक्रियता से दाम सहारा पाए हुए हैं।
- अरहर (साबुत): ₹7000 – ₹7500 प्रति क्विंटल
- अरहर दाल (स्पेशल): ₹10,300 – ₹10,400 प्रति क्विंटल
- चना (छोटा): ₹5400 – ₹5500 प्रति क्विंटल
- चना दाल: ₹6900 – ₹7000 प्रति क्विंटल
- उड़द (धोवा): ₹8200 – ₹10,400 प्रति क्विंटल
- मटर (सफेद): ₹3900 – ₹4000 प्रति क्विंटल
नवीनतम संकेत: दालों में उपभोक्ता मांग और सीमित आवक बनी रही तो निकट अवधि में भाव मजबूत रह सकते हैं।
तिलहन व अन्य जिंस: सीमित दायरे में कारोबार
तिलहन और अन्य कृषि जिंसों में आज कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं दिखा। आलू में आवक के अनुसार भाव तय हुए।
- सरसों (ब्लैक): ₹5400 – ₹5500 प्रति क्विंटल (औसत)
- आलू (सफेद / पुखराज): ₹700 – ₹900 प्रति क्विंटल
(चकरपुर मंडी में आवक के अनुसार) - गुड़: ₹4300 – ₹4400 प्रति क्विंटल
नवीनतम संकेत: आलू में आगे चलकर आवक बढ़ने पर दबाव बन सकता है, जबकि सरसों में तेल उद्योग की मांग भावों को सहारा दे सकती है।
बाजार आउटलुक (आने वाले दिन)
- बजट के बाद स्थिरता का दौर जारी रहने की संभावना
- अनाज में सीमित दायरा, तेज गिरावट या उछाल के संकेत नहीं
- दलहन में हल्की तेजी/मजबूती बनी रह सकती है
- मौसमी आवक और मांग में बदलाव पर नजर जरूरी
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