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मेरठ: सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन और भड़काऊ रील मामले में युवक गिरफ्तार, पुलिस ने सिखाया सबक

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मेरठ पुलिस की गिरफ्त में भड़काऊ रील बनाने वाला आरोपी अमन उर्फ प्रिंस

मेरठ । बुधवार, 3 जून 2026

सोशल मीडिया पर रील्स बनाने और सरेआम हथियारों का प्रदर्शन कर माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस का सख्त एक्शन जारी है। ताजा मामला मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक भड़काऊ वीडियो प्रसारित करने के आरोप में 25 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है।

हालिया जांच में सामने आए नवीनतम तथ्यों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल छुरी लहराने भर की नहीं थी, बल्कि इस वीडियो के तार गाजियाबाद के चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड और आरोपी असद के एनकाउंटर से जुड़े थे, जिसने सामाजिक सौहार्द को सीधे तौर पर प्रभावित करने की कोशिश की थी।

क्या था पूरा मामला और वायरल वीडियो का सच?

पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर करीब 14 सेकंड का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था। इस वीडियो की शुरुआत में हाल ही में हुए हत्याकांड के आरोपी और पुलिस एनकाउंटर का हिस्सा रहे चेहरों (सूर्या चौहान और असद) की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया था। वीडियो के बीच में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की तस्वीर का भी गलत संदर्भ में उपयोग किया गया था।

सबसे आपत्तिजनक हिस्सा वीडियो का आखिरी शॉट था, जिसमें आरोपी युवक खून से सने जैसे दिखने वाले कुर्ता-पायजामा पहने हुए था और हाथ में बड़ी छुरी (रामपुरी चाकू जैसी) लहराते हुए हथियार चलाने का प्रदर्शन कर रहा था।

भड़काऊ टैगलाइन से बिगड़ सकता था सामाजिक सौहार्द

इस वीडियो के विजुअल्स जितने खतरनाक थे, उससे कहीं ज्यादा भड़काऊ इसकी टैगलाइन और बैकग्राउंड ऑडियो था। वीडियो पर असद के समर्थन में आपत्तिजनक बातें लिखी गई थीं, जैसे— “तुम कितने असद मारोगे, हमारे हथियार भी हैं तैयार…”

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और साइबर सेल ने इस सामग्री को बेहद गंभीर माना। पुलिस के मुताबिक, इस तरह के संदेशों से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने और दो समुदायों के बीच नफरत फैलने की पूरी आशंका थी।

ब्रह्मपुरी पुलिस की त्वरित कार्रवाई: रात में दबिश और गिरफ्तारी

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और स्थानीय लोगों द्वारा शिकायत किए जाने के बाद, मेरठ पुलिस के आला अधिकारियों ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया। ब्रह्मपुरी थाना पुलिस और साइबर टीम ने तकनीकी साक्ष्यों (IP एड्रेस और अकाउंट एनालिसिस) की मदद से आरोपी की पहचान की।

आरोपी की पहचान हरिनगर (पूर्वा इलाही बख्श) क्षेत्र निवासी 25 वर्षीय अमन उर्फ प्रिंस पुत्र अशरफ के रूप में हुई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में गठित टीम ने रात में ही घेराबंदी की और भूमिया पुल के पास से अमन को दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से वीडियो में इस्तेमाल की गई छुरी भी बरामद कर ली है।

कानून का डंडा चलते ही कान पकड़कर मांगी माफी

अमन पर पहली बार कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज हुआ है। हालांकि, जैसे ही वह सलाखों के पीछे पहुंचा और पुलिस ने सख्त रुख अपनाया, उसका सारा “हथियारों का टशन” काफूर हो गया। गिरफ्तार होने के बाद आरोपी पुलिस के सामने कान पकड़कर उठक-बैठक करने लगा और अपनी गलती के लिए माफी मांगने लगा।

ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि यह वीडियो किस खास मकसद से तैयार किया गया था और इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या व्हाट्सएप ग्रुप का हाथ तो नहीं है।

मेरठ पुलिस की सख्त चेतावनी: सोशल मीडिया पर धार्मिक या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली कोई भी सामग्री, भड़काऊ रील या अवैध हथियारों का प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पुलिस की 24 घंटे निगरानी है और ऐसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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