शनिवार, जुलाई 04 2026 | 01:42:01 AM
Breaking News
Home / राष्ट्रीय / भारत सरकार ने ई-रिक्शा और लिथियम-आयन बैटरियों को नियंत्रित करने वाले 3 चीनी BMS ऐप्स पर लगाया प्रतिबंध

भारत सरकार ने ई-रिक्शा और लिथियम-आयन बैटरियों को नियंत्रित करने वाले 3 चीनी BMS ऐप्स पर लगाया प्रतिबंध

Follow us on:

भारत में प्रतिबंधित चीनी BAT-BMS Lossigy और Epoch-i-ion ऐप्स की सांकेतिक तस्वीर

नई दिल्ली । शुक्रवार, 3 जुलाई 2026

भारत में तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और ई-रिक्शा क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक किया है। राष्ट्रीय सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और डेटा संप्रभुता से जुड़े संभावित खतरों का हवाला देते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने चीनी मूल के तीन प्रमुख बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (Battery Management System – BMS) मोबाइल ऐप्स पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। इन ऐप्स का सीधा नियंत्रण इंटरनेट से जुड़ी लिथियम-आयन बैटरियों पर था।

किन चीनी BMS ऐप्स पर हुई बड़ी कार्रवाई?

सरकार की इस सख्त डिजिटल कार्रवाई के दायरे में मुख्य रूप से तीन लोकप्रिय ऐप्स आए हैं, जिनका उपयोग भारत में बड़े पैमाने पर इम्पोर्टेड लिथियम-आयन बैटरियों के प्रबंधन के लिए किया जाता था:

  1. BAT-BMS

  2. Lossigy

  3. Epoch-i-ion

ये तीनों मोबाइल एप्लिकेशन भारत में असेंबल होने वाले और सीधे चीन से आयात किए जाने वाले ई-रिक्शा व कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, वोल्टेज सेटिंग्स बदलने और फर्मवेयर अपडेट (तकनीकी प्रबंधन) के लिए उपयोग किए जा रहे थे।

प्रतिबंध के पीछे की मुख्य वजह: ‘रिमोट एक्सेस’ और ‘साइबर-सैबोटेज’ का डर

इंटेलिजेंस इनपुट और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की जांच में यह बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई कि इन ऐप्स के पास बैटरियों पर रिमोट एक्सेस (दूरस्थ नियंत्रण) की क्षमता थी।

सुरक्षा जोखिम का गणित: यदि कोई विदेशी सर्वर या हैकर इन ऐप्स के जरिए भारतीय ई-रिक्शों की बैटरियों तक पहुंच बना लेता है, तो वह दूर बैठे ही बैटरियों को निष्क्रिय (Deactivate) कर सकता है, उनकी चार्जिंग क्षमता को प्रभावित कर सकता है, या थर्मल रनवे (आग लगने की स्थिति) जैसी खतरनाक परिस्थितियां पैदा कर सकता है।

सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था (Public Transport Infrastructures) में ई-रिक्शा की भारी संख्या को देखते हुए, इसे एक संभावित साइबर हमले या ‘साइबर-सैबोटेज’ के रूप में देखा गया, जिसके कारण सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए इन्हें प्रतिबंधित कर दिया।

Google और Apple को कड़े निर्देश: ऐप स्टोर से हटाने की प्रक्रिया शुरू

भारत सरकार ने Google Play Store और Apple App Store को तत्काल इन तीनों ऐप्स को अपने प्लेटफॉर्म से भारतीय यूजर्स के लिए ब्लॉक और रिमूव करने का आदेश जारी कर दिया है। सरकार केवल इन्हीं तीन ऐप्स पर नहीं रुक रही है, बल्कि भविष्य में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और वाहनों से जुड़े अन्य विदेशी ऐप्स की सुरक्षा जांच को और अधिक कड़ा करने के लिए एक नया ‘साइबर सुरक्षा ढांचा’ तैयार कर रही है।

भारतीय EV और ई-रिक्शा सेक्टर पर क्या होगा असर?

इस फैसले के बाद ऑटोमोबाइल और बैटरी उद्योग में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव और आवश्यक सुधार (Corrections) देखने को मिलेंगे:

  • वैकल्पिक भारतीय सॉफ्टवेयर का उदय: जिन घरेलू बैटरी निर्माताओं के उत्पाद इन चीनी ऐप्स पर निर्भर थे, उन्हें अब तुरंत सुरक्षित, ‘मेड इन इंडिया’ या अन्य विश्वसनीय वैश्विक सॉफ्टवेयर समाधानों पर शिफ्ट होना पड़ेगा।

  • हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का अलगाव: अब तक चीनी बीएमएस हार्डवेयर के साथ उन्हीं का सॉफ्टवेयर ऐप मुफ्त आता था। अब भारतीय फर्मों को अपने हार्डवेयर चिपसेट के लिए खुद का कस्टमाइज्ड ऐप कोड करना होगा।

  • दैनिक संचालन पर प्रभाव: विशेषज्ञों के अनुसार, सड़कों पर चल रहे सामान्य ई-रिक्शा चालकों के दैनिक कामकाज पर तत्काल कोई बड़ा नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि पहले से इंस्टॉल ऐप्स काम करते रह सकते हैं, लेकिन नए ग्राहकों और बैटरी रिप्लेसमेंट के समय वैकल्पिक सॉफ्टवेयर का उपयोग अनिवार्य हो जाएगा।

2020 की नीति का विस्तार: डिजिटल सुरक्षा का नया दौर

वर्ष 2020 में टिकटॉक (TikTok) और पबजी (PUBG) जैसे सैकड़ों ऐप्स पर लगे प्रतिबंध के बाद से भारत लगातार चीनी डिजिटल घुसपैठ को रोक रहा है। लेकिन वर्तमान फैसला यह दर्शाता है कि अब भारत की नीति सिर्फ सोशल मीडिया ऐप्स तक सीमित नहीं है। अब सरकार इंटरनेट से जुड़े वाहनों, स्मार्ट डिवाइस, ग्रिड और औद्योगिक नियंत्रण प्रणालियों (Industrial Control Systems) की सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता दे रही है।

निष्कर्ष:

देश में इलेक्ट्रिक क्रांति को सुरक्षित रखना उतना ही जरूरी है जितना कि उसे बढ़ावा देना। चीनी BMS ऐप्स पर यह प्रतिबंध भारतीय EV इकोसिस्टम को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और साइबर खतरों से मुक्त बनाने की दिशा में एक स्वागत योग्य और दूरदर्शी कदम है।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

FCRA 2.0 Portal and e-OCI Card: अमित शाह ने लॉन्च की दो बड़ी डिजिटल सुविधाएं, 50 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

नई दिल्ली । बुधवार, 1 जुलाई 2026 डिजिटल गवर्नेंस और तकनीकी सुधारों की दिशा में …