वॉशिंगटन. दुनिया भर में जारी युद्धों और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिका ने अपनी सबसे घातक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) ‘मिनटमैन-III’ का सफल परीक्षण कर अपनी सैन्य ताकत का लोहा मनवाया है। कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से रात 11 बजे दागी गई यह मिसाइल सीधे प्रशांत महासागर में अपने लक्ष्य पर जाकर गिरी।
🔴 परमाणु प्रलय लाने में सक्षम है यह मिसाइल
‘मिनटमैन-III’ को अमेरिका की ‘डूम्सडे मिसाइल’ (कयामत की मिसाइल) कहा जाता है। इसकी मारक क्षमता और विनाशकारी शक्ति रोंगटे खड़े कर देने वाली है:
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अत्यधिक शक्तिशाली: यह हिरोशिमा पर गिरे परमाणु बम से 20 गुना अधिक विनाशकारी है।
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अजेय रफ्तार: इसकी गति लगभग 24,000 किमी प्रति घंटा है, जिससे दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे ट्रैक करना नामुमकिन हो जाता है।
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लंबी रेंज: यह 13,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर दुनिया के किसी भी कोने में तबाही मचा सकती है।
🛡️ अमेरिका की सफाई: “यह केवल एक रूटीन टेस्ट है”
वैश्विक हलचल के बीच अमेरिकी वायु सेना के ग्लोबल स्ट्राइक कमांड ने बयान जारी कर कहा कि यह परीक्षण (GT-255) किसी वर्तमान वैश्विक घटना या तनाव का जवाब नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के परीक्षण सालों पहले तय किए जाते हैं ताकि अमेरिकी परमाणु बेड़े की विश्वसनीयता और सटीकता की जांच की जा सके।
🌍 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्यों बढ़ी चिंता?
भले ही अमेरिका इसे ‘नियमित’ बता रहा हो, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच इस परीक्षण का समय बेहद संवेदनशील है। यह सीधे तौर पर रूस, चीन और ईरान जैसे प्रतिद्वंद्वियों को एक कड़ा संदेश है कि अमेरिका की परमाणु शक्ति पूरी तरह सक्रिय और अचूक है।
मुख्य बिंदु:
मिसाइल ने मार्शल द्वीप के पास निर्धारित लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेदा।
यह अमेरिका की एकमात्र जमीन से दागी जाने वाली परमाणु सक्षम मिसाइल है।
अब तक इस प्रणाली के 300 से अधिक परीक्षण किए जा चुके हैं।
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