बेंगलुरु | 5 अप्रैल, 2026
कर्नाटक के हुबली शहर में एक जिम ट्रेनर द्वारा युवती के कथित यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयासों ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है। आरोपी समीर मुल्ला पर लगे आरोपों ने न केवल पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि शहर में सांप्रदायिक तनाव भी बढ़ा दिया है। पुलिस द्वारा जब्त किए गए समीर के मोबाइल फोन से कई ऐसे सुराग मिले हैं जो इस मामले को और भी संगीन बना रहे हैं।
केस की बड़ी बातें: क्या है पूरा मामला?
हुबली के विजयनगर इलाके में रहने वाले जिम ट्रेनर समीर मुल्ला पर एक हिंदू युवती ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का दावा है कि समीर ने उसे अपने जाल में फंसाया और फिर नशीला पदार्थ पिलाकर उसका यौन शोषण किया।
-
10 बार जबरन गर्भपात: पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि समीर ने उसे कई बार गर्भवती किया और करीब 10 बार गर्भपात की गोलियां खाने के लिए मजबूर किया। इतना ही नहीं, आरोपी ने इन अमानवीय कृत्यों के वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल भी किया।
-
मोबाइल में ‘हॉरर’ कंटेंट: सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने जब समीर का फोन चेक किया, तो उसमें केवल पीड़िता ही नहीं, बल्कि कई अन्य युवतियों की तस्वीरें और आपत्तिजनक सामग्री मिली। पुलिस उसकी ब्राउजिंग हिस्ट्री और चैट्स की भी बारीकी से जांच कर रही है।
-
बहन पर भी आरोप: पीड़िता का कहना है कि वह समीर की बहन के जरिए उसके संपर्क में आई थी। आरोप है कि समीर की बहन ने ही उसे घर बुलाया और इस पूरे षड्यंत्र में अपने भाई का साथ दिया।
आरोपी का पलटवार: “वीडियो उसने खुद बनाए”
गिरफ्तारी के बाद समीर मुल्ला ने अपनी सफाई में कहा है कि वे दोनों पिछले तीन साल से रिलेशनशिप में थे। समीर का दावा है कि जो वीडियो वायरल हुए हैं, वे युवती ने खुद अपने फोन से शूट किए थे। उसने आरोपों को आधारहीन बताते हुए इसे आपसी सहमति का मामला करार दिया है।
शहर में उबाल: पुलिस स्टेशन के बाहर भारी विरोध
इस घटना के सामने आने के बाद हुबली में हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित भीड़ ने समीर के घर पर धावा बोल दिया और उसे पकड़कर पुलिस के हवाले करने से पहले उसकी जमकर पिटाई भी की। स्थिति को देखते हुए पुलिस कमिश्नर एन. शशिकुमार खुद मोर्चे पर तैनात हैं।
“हमने इस मामले में कुल तीन FIR दर्ज की हैं। एक पीड़िता की शिकायत पर, दूसरी समीर के परिवार पर हुए हमले को लेकर और तीसरी सार्वजनिक शांति भंग करने के मामले में। डिजिटल सबूतों और मेडिकल रिपोर्ट का इंतज़ार है, कानून अपना काम निष्पक्षता से करेगा।” — एन. शशिकुमार, पुलिस कमिश्नर, हुबली-धारवाड़
ताज़ा स्थिति और जांच के अगले चरण
-
मेडिकल परीक्षण: पीड़िता की मेडिकल जांच कराई गई है ताकि गर्भपात और नशीले पदार्थ दिए जाने के दावों की पुष्टि हो सके।
-
डिजिटल फोरेंसिक: समीर और पीड़िता दोनों के मोबाइल फोन फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं ताकि यह पता चल सके कि वीडियो किसने और कब रिकॉर्ड किए।
-
सुरक्षा व्यवस्था: हुबली के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
डिस्क्लेमर: यह मामला अभी जांच के अधीन है। पुलिस द्वारा कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होने और अदालती फैसले के बाद ही अंतिम सत्य सामने आएगा।
Matribhumisamachar


