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कानपुर में सोना ₹1.52 लाख के पार: चांदी में स्थिरता, जानें आज के ताजा भाव और निवेश के अवसर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कानपुर | मंगलवार, 5 मई 2026 

उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्र कानपुर के सर्राफा बाजार (बिरहाना रोड और नयागंज) में आज, 5 मई 2026 को सोने की कीमतों में हल्की नरमी दर्ज की गई है। वैश्विक बाजार में डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर $4,600-$5,000 प्रति औंस के बीच सोने के व्यापार का सीधा असर स्थानीय कीमतों पर पड़ा है।

आज के ताज़ा भाव (Gold & Silver Rates Today)

स्थानीय सर्राफा कमेटी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, आज विभिन्न शुद्धता वाले सोने और चांदी के भाव निम्नलिखित हैं:

शुद्धता (Purity) भाव (प्रति 10 ग्राम) स्थिति
24 कैरेट (शुद्ध सोना) ₹1,52,500 ? मामूली गिरावट
22 कैरेट (जेवर सोना) ₹1,39,800 ? गिरावट
18 कैरेट (डिजाइनर गोल्ड) ₹1,12,364 ? गिरावट
चांदी (प्रति किलोग्राम) ₹2,65,000 ↔️ स्थिर

बाजार विश्लेषण 

अक्सर खरीदार केवल बेस प्राइस देखकर भ्रमित हो जाते हैं। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण सुधार और जानकारियां दी गई हैं जो खरीदारों को जाननी चाहिए:

  1. अतिरिक्त शुल्क: ऊपर दी गई कीमतों में 3% GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप 22 कैरेट का गहना खरीदते हैं, तो मेकिंग चार्ज और टैक्स मिलाकर वास्तविक कीमत ₹1.50 लाख के करीब जा सकती है।

  2. चांदी की मजबूती: चांदी की कीमतें पिछले कुछ हफ्तों से ₹2.50 लाख से ₹2.75 लाख के बीच बनी हुई हैं। औद्योगिक मांग (Solar & EV Industry) में तेजी के कारण चांदी में सोने के मुकाबले कम गिरावट देखी जा रही है।

  3. वैश्विक कारण: मध्य पूर्व में तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर देख रहे हैं, जिससे लंबी अवधि में कीमतें और बढ़ सकती हैं।

खरीदारों के लिए विशेषज्ञ सलाह

सर्राफा विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग शादी-ब्याह के लिए खरीदारी करना चाहते हैं, उनके लिए यह गिरावट एक छोटा ‘बाइंग विंडो’ (खरीदारी का अवसर) हो सकता है। बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है, इसलिए एक साथ बड़ी राशि निवेश करने के बजाय किश्तों में सोना खरीदना समझदारी भरा कदम हो सकता है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।